खेकड़ा, 25 जुलाई 2026 (यूटीएन)। जनपद के सुन्हैड़ा गांव की बेटी कोमल पंवार ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर सफलता की नई इबारत लिखी है। शिक्षिका से नायब तहसीलदार और अब एसडीएम तक का सफर तय कर उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि सुन्हैड़ा गांव और पूरे खेकड़ा क्षेत्र का नाम रोशन किया है। शुक्रवार को उन्होंने गाजियाबाद जनपद की मोदीनगर में उपजिलाधिकारी पद का कार्यभार संभाल लिया।
कोमल पंवार की सफलता की कहानी आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली कोमल के पिता नरेंद्र सिंह पंवार दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं, जबकि मां सुमन पंवार गृहिणी हैं। कोमल ने दिल्ली के सरकारी स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और उच्च शिक्षा भी दिल्ली में ही पूरी की। कोमल पंवार का सपना शिक्षक बनने का था। उन्होंने शिक्षक के रूप में कार्य भी किया, लेकिन पिता नरेंद्र सिंह पंवार की इच्छा थी कि, बेटी प्रशासनिक अधिकारी बने।
पिता के सपने को अपना लक्ष्य बनाकर कोमल ने शिक्षक की नौकरी छोड़ प्रशासनिक सेवा की तैयारी शुरू की। कड़ी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने नायब तहसीलदार का पद हासिल किया और अब एसडीएम बनकर प्रशासनिक सेवा में नई जिम्मेदारी संभाली है। कोमल पंवार का लक्ष्य यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर आईएएस अधिकारी बनना है। उनकी इस उपलब्धि से सुन्हैड़ा गांव समेत पूरे खेकड़ा क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कोमल ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

