खेकड़ा,22 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। लंबित मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील खेकड़ा इकाई ने मंगलवार से अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया। आंदोलन के पहले चरण में लेखपालों ने अपने-अपने अतिरिक्त हल्कों के बस्ते राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा कर दिए। लेखपालों के इस निर्णय से राजस्व विभाग में अतिरिक्त हल्कों से संबंधित कार्य प्रभावित होने की संभावना है।
संघ की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल लेखपाल अपने मूल हल्के में नियमित कार्य करते रहेंगे, लेकिन उन्हें दिए गए अतिरिक्त हल्कों का कार्य नहीं करेंगे। संघ ने कहा कि लंबे समय से कई मांगें लंबित हैं और बार-बार अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण कार्य बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा।
पहले ही दी गई थी आंदोलन की चेतावनी
लेखपाल संघ की ओर से आंदोलन शुरू करने से पहले शासन स्तर पर अपनी मांगें पहुंचाने का प्रयास किया गया था। संघ ने मुख्य सचिव के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया था। ज्ञापन के माध्यम से 22 सितंबर तक मांगों का समाधान किए जाने की मांग की गई थी।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय तक मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद आंदोलन के पहले चरण को लागू किया गया। इसी के तहत मंगलवार से अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार शुरू किया गया और संबंधित बस्ते राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा कराए गए।
अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए पोर्टल खोलने की मांग
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए पोर्टल को दोबारा खोला जाना शामिल है। संघ का कहना है कि स्थानांतरण से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए पोर्टल उपलब्ध कराया जाना जरूरी है, ताकि पात्र लेखपाल अपनी परिस्थितियों के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकें।
इसके साथ ही चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। लेखपालों का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़े मामलों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए, जिससे पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सके।
2024 में नियुक्त लेखपालों की परीक्षा का परिणाम जारी करने की मांग
संघ ने वर्ष 2024 में नियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम और प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी रखी है। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण एवं परीक्षा से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परिणाम और प्रमाण पत्र जारी किए जाने चाहिए।
लेखपाल संघ ने इस मांग को भी अपनी प्रमुख मांगों में शामिल करते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की मांग की है। संघ का कहना है कि प्रशिक्षण से संबंधित प्रक्रिया समय पर पूरी होने से कर्मचारियों को अपनी सेवा संबंधी आगे की प्रक्रियाओं में सुविधा होगी।
स्टेशनरी और भत्तों में वृद्धि की मांग
लेखपालों ने अपने कार्य की प्रकृति को देखते हुए स्टेशनरी, वाहन और विशेष भत्ते में वृद्धि की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि लेखपालों का कार्य क्षेत्र में लगातार भ्रमण और विभिन्न प्रकार के राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों से जुड़ा रहता है।
संघ के अनुसार क्षेत्रीय कार्य के दौरान होने वाले खर्च को देखते हुए संबंधित भत्तों में समयानुकूल वृद्धि की आवश्यकता है। इसके अलावा कार्यालयी कार्य के लिए आवश्यक स्टेशनरी की उपलब्धता को लेकर भी लेखपालों ने अपनी मांग रखी है।
भूलेख कार्यालयों से मूल कार्य पर भेजने की मांग
लेखपाल संघ की ओर से भूलेख कार्यालयों में तैनात लेखपालों को उनके मूल कार्य पर लगाए जाने की मांग भी की गई है। संघ का कहना है कि लेखपालों की तैनाती उनके मूल कार्य की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए होनी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व संबंधी कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपालों पर पहले से ही विभिन्न प्रकार के राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में कार्यों का स्पष्ट एवं व्यवस्थित वितरण आवश्यक है।
ग्राम सचिवालयों में सुविधाओं और सुरक्षा का मुद्दा
लेखपालों ने ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। संघ के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करते समय लेखपालों को विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है।
संघ ने ग्राम सचिवालयों में बैठने, कार्य करने और अन्य मूलभूत जरूरतों की व्यवस्था के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
2800 ग्रेड पे की विसंगति दूर करने की मांग
लेखपाल संघ ने 2800 ग्रेड पे से जुड़ी विसंगति को दूर करने की मांग भी रखी है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि वेतन एवं सेवा संबंधी विसंगतियों का समाधान किया जाना कर्मचारियों के हित में आवश्यक है।
इसके अलावा लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की मांग भी की गई है। संघ का तर्क है कि वर्तमान समय में लेखपालों का काम केवल पारंपरिक राजस्व अभिलेखों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उन्हें विभिन्न तकनीकी एवं ऑनलाइन प्रक्रियाओं से भी जुड़े कार्य करने पड़ते हैं।
लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग
डिजिटल कार्यों को देखते हुए लेखपालों ने लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। संघ का कहना है कि राजस्व विभाग से जुड़े अनेक कार्य अब ऑनलाइन माध्यम से किए जा रहे हैं। ऐसे में आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध होने से कार्य को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से किया जा सकता है।
लेखपालों का कहना है कि फील्ड में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए तकनीकी संसाधन उनकी कार्यक्षमता से सीधे जुड़े हैं। इसलिए इस मांग पर भी शासन स्तर से सकारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है।
अतिरिक्त हल्कों के काम से ही किया गया बहिष्कार
संघ ने आंदोलन की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान चरण में लेखपाल अपने मूल हल्के का कार्य करते रहेंगे। बहिष्कार केवल अतिरिक्त हल्कों के कार्य का किया गया है। लेखपालों ने अतिरिक्त हल्कों से संबंधित बस्ते राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा कर दिए हैं।
इस व्यवस्था के तहत लेखपालों का कहना है कि वे अपने मूल कार्य और निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे, लेकिन अतिरिक्त हल्के की जिम्मेदारी का कार्य नहीं करेंगे। संघ की ओर से इसे आंदोलन का प्रारंभिक चरण बताया गया है।
कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ाया जा सकता है आंदोलन
लेखपाल संघ ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। संघ की ओर से अगले चरण में ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार सहित अन्य निर्णय लेने की चेतावनी दी गई है।
इससे राजस्व विभाग से जुड़े कुछ ऑनलाइन कार्यों की गति प्रभावित होने की संभावना बन सकती है। हालांकि वर्तमान में लेखपालों ने अपने मूल हल्कों का कार्य जारी रखने की बात कही है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय मांगों पर होने वाली कार्रवाई के आधार पर लिया जाएगा।
राजस्व कार्यों पर पड़ सकता है असर
अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार किए जाने से उन क्षेत्रों से संबंधित राजस्व कार्यों पर असर पड़ने की संभावना है, जिनकी अतिरिक्त जिम्मेदारी संबंधित लेखपालों को सौंपी गई थी। इनमें राजस्व अभिलेखों से संबंधित कार्य, क्षेत्रीय रिपोर्ट और अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।
हालांकि संघ का कहना है कि मूल हल्कों में लेखपाल अपना कार्य जारी रखेंगे, इसलिए आंदोलन का वर्तमान चरण विशेष रूप से अतिरिक्त हल्कों तक सीमित है। आगे की स्थिति शासन और विभागीय स्तर पर मांगों को लेकर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
लेखपालों ने एकजुटता का दिया संदेश
कार्य बहिष्कार के दौरान लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सभी मांगें कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं और कार्य परिस्थितियों से जुड़ी हैं। उनका उद्देश्य विभागीय कार्य व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि लंबित समस्याओं के समाधान के लिए शासन और विभाग का ध्यान आकर्षित करना है।
संघ ने उम्मीद जताई कि संबंधित स्तर पर उनकी मांगों पर विचार कर जल्द समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी, जिससे आंदोलन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता न पड़े।
ये रहे मौजूद
इस दौरान संघ के ब्लाक अध्यक्ष संजीव राठी, सचिव विजय कुमार, रवि कुमार, एकता, ऋषि सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि मांगों के समाधान तक संगठन की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
लेखपाल संघ ने एक बार फिर शासन-प्रशासन से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान की मांग की है। अब देखना होगा कि विभागीय स्तर पर इन मांगों को लेकर क्या कार्रवाई होती है और उसके आधार पर संघ आंदोलन को आगे बढ़ाता है या वापस लेता है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

