खेकड़ा,22 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नगर के एफएएम पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के लिए ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ प्रतिभाग किया तथा अपनी कल्पनाशक्ति, रचनात्मक सोच और भावनाओं को रंगों के माध्यम से कागज पर उकेरा।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय का वातावरण पूरी तरह रचनात्मक और उत्साहपूर्ण नजर आया। विद्यार्थियों ने अलग-अलग रंगों और चित्रों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की तस्वीर प्रस्तुत की। किसी विद्यार्थी की पेंटिंग में स्वच्छ और सुंदर भारत दिखाई दिया तो किसी ने शिक्षित एवं आत्मनिर्भर देश की कल्पना को प्रमुखता दी। कई विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली, स्वच्छता और विकास को अपनी पेंटिंग का आधार बनाया।
रंगों में दिखाई दी विकसित भारत की कल्पना
‘मेरे सपनों का भारत’ विषय ने विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का अवसर दिया। बच्चों ने अपनी सोच के अनुसार ऐसे भारत की तस्वीर तैयार की, जहां स्वच्छ वातावरण, बेहतर शिक्षा, विकास, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को महत्व मिले।
विद्यार्थियों ने पेंटिंग के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि देश का भविष्य केवल बड़े विकास कार्यों से ही नहीं, बल्कि स्वच्छता, शिक्षा, प्रकृति संरक्षण और नागरिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा है। उनकी कलाकृतियों में देश के प्रति उत्साह और सकारात्मक सोच स्पष्ट रूप से नजर आई।
रचनात्मकता के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश
विद्यालय की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, देशप्रेम, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता की भावना को बढ़ावा देना रहा। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अपने विचारों को चित्रों और रंगों के जरिए व्यक्त करने का अवसर मिला।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों की पेंटिंग्स का अवलोकन करते हुए उनकी कल्पनाशक्ति और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे सामने लाने का अवसर प्रदान करती हैं। साथ ही प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित होती है।
बच्चों ने उत्साह से लिया हिस्सा
पेंटिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चे अपनी-अपनी पेंटिंग को बेहतर बनाने में जुटे रहे। किसी ने तिरंगे, हरियाली और स्वच्छता को केंद्र में रखा तो किसी ने आधुनिक भारत, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े चित्र बनाए।
बच्चों ने रंगों के माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया कि वे अपने देश को किस रूप में देखना चाहते हैं। उनकी कलाकृतियों में भविष्य के भारत को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाई दिया।
ऐसी गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक
विद्यालय में आयोजित इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पढ़ाई के साथ कला, चित्रकला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे विषय पर प्रतियोगिता आयोजित करने से विद्यार्थियों को देश और समाज से जुड़े विषयों पर सोचने का अवसर भी मिला। बच्चों ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से यह संदेश दिया कि वे भारत को स्वच्छ, शिक्षित, विकसित, आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील राष्ट्र के रूप में देखना चाहते हैं।
प्रतियोगिता बनी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक अनुभव
विद्यालय में आयोजित यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक रही। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने न केवल अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि अपने विचारों को रचनात्मक तरीके से व्यक्त करना भी सीखा।
विद्यालय परिवार की ओर से विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की गई और उन्हें भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ-साथ देश और समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

