बागपत, 01 अगस्त 2026 (यूटीएन)। पूर्व राज्यपाल एवं किसान हितों की मुखर आवाज रहे स्व. सत्यपाल मलिक की पहली पुण्यतिथि आगामी 5 अगस्त को उनके पैतृक गांव हिसावदा में 'किसान सम्मान दिवस' के रूप में मनाई जाएगी। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आयोजन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और अन्य राज्यों से किसान संगठनों, खाप प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों तथा सर्वसमाज के लोगों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
आयोजन समिति के अनुसार श्रद्धांजलि कार्यक्रम स्व. बलजीत सिंह क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे हवन-यज्ञ से होगी। इसके बाद सुबह 10 बजे पुष्पांजलि अर्पित कर स्व. सत्यपाल मलिक को श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे। सुबह 11 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और वक्ता स्व. मलिक के व्यक्तित्व, उनके सार्वजनिक जीवन और किसान हितों के लिए किए गए संघर्ष पर अपने विचार व्यक्त करेंगे।
पूर्व राज्यपाल के निजी सहायक कुंवर सिंह राणा ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। श्रद्धांजलि स्थल पर मंच, बैठक व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता, पार्किंग, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्वयंसेवकों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में किसान संगठनों, खाप पंचायतों, ग्राम प्रधानों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन समिति का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना ही नहीं, बल्कि स्व. सत्यपाल मलिक के किसान हितैषी विचारों और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
आयोजकों द्वारा जारी आमंत्रण पत्र में स्व. सत्यपाल मलिक को "किसानों की बुलंद आवाज, बेबाक जननेता और सच्चा जनसेवक" बताते हुए कहा गया है कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा किसानों, मजदूरों और आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विभिन्न संवैधानिक पदों पर रहते हुए भी उन्होंने कई जनहित के विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी और किसान समाज के अधिकारों की आवाज बुलंद की।
श्रद्धांजलि सभा में उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा होगी। वक्ता उनके किसान आंदोलनों के प्रति समर्थन, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करेंगे। साथ ही किसानों से जुड़े समकालीन मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है।
कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी जाएगी। हवन-यज्ञ के बाद सर्वधर्म प्रार्थना का भी आयोजन होगा। श्रद्धांजलि सभा के समापन पर उपस्थित लोगों के लिए प्रसाद एवं सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई है।
आयोजन समिति ने आसपास के गांवों और जिलों के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। गांव-गांव जाकर निमंत्रण दिए जा रहे हैं और किसान संगठनों के पदाधिकारी भी लोगों से कार्यक्रम में पहुंचने का आग्रह कर रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी कार्यक्रम की जानकारी साझा की जा रही है।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन किसी राजनीतिक मंच के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे जननेता की स्मृति को समर्पित होगा, जिन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में किसानों और आम लोगों के हितों की आवाज उठाई। उनका मानना है कि स्व. सत्यपाल मलिक के विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन से भी आवश्यक सहयोग मांगा गया है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन समिति ने सभी आमंत्रित अतिथियों और किसान भाइयों से समय पर पहुंचकर स्व. सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि अर्पित करने और कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

