खेकड़ा,29 जुलाई 2026 (यूटीएन)। क्षेत्र के खेल मैदानों की बदहाल स्थिति अब खिलाड़ियों के भविष्य पर भी असर डालने लगी है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने मवीकला इंटर कॉलेज और सांकरोद गांव के खेल मैदानों में फैली घनी खरपतवार, झाड़ियों और उनमें पनप रहे जहरीले कीटों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मैदानों की सफाई नहीं कराई गई तो खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में खेल गतिविधियां भी गंभीर रूप से प्रभावित होंगी।
बुधवार को भाकियू के जिला प्रभारी विनोद कुमार के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि मवीकला इंटर कॉलेज का खेल मैदान लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। मैदान में जगह-जगह ऊंची खरपतवार और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे दौड़ ट्रैक पूरी तरह ढक गया है। खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान दौड़ने, व्यायाम करने और अन्य खेल गतिविधियों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भाकियू नेताओं ने बताया कि मैदान में फैली घास और झाड़ियों के कारण सांप, बिच्छू तथा अन्य जहरीले कीटों के छिपे रहने की आशंका बनी रहती है। इससे खिलाड़ी और सुबह-शाम टहलने आने वाले ग्रामीण हर समय दुर्घटना या जहरीले जीवों के हमले के डर में रहते हैं। कई अभिभावकों ने भी बच्चों को मैदान में अभ्यास के लिए भेजना कम कर दिया है, जिससे उभरती खेल प्रतिभाओं का नियमित प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है।
संगठन ने यह भी कहा कि सांकरोद गांव के खेल मैदान की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। मैदान में फैली खरपतवार और गंदगी के कारण स्थानीय खिलाड़ी पर्याप्त अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण युवाओं को मजबूरी में अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है, जबकि अधिकांश खिलाड़ियों के पास नियमित रूप से दूर जाकर अभ्यास करने की सुविधा नहीं है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
भाकियू नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि दोनों खेल मैदानों की तत्काल साफ-सफाई कराकर खरपतवार हटाई जाए, मैदानों में समतलीकरण कराया जाए तथा नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि खिलाड़ी सुरक्षित वातावरण में अभ्यास कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने की बात करती है, लेकिन यदि खेल मैदान ही उपेक्षा का शिकार रहेंगे तो इन प्रयासों का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि भविष्य में खेल मैदानों की नियमित निगरानी की जाए, समय-समय पर घास की कटाई, सफाई और आवश्यक मरम्मत कराई जाए ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। भाकियू ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन खिलाड़ियों और ग्रामीणों के हित में आंदोलन करने को बाध्य होगा।
एसडीएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और दोनों खेल मैदानों की शीघ्र साफ-सफाई कराकर उन्हें खेल गतिविधियों के लिए उपयुक्त बनाया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में जिला प्रभारी विनोद कुमार, जगपाल धामा, राजवीर सिंह, संजय धामा, महिपाल सिंह, मोनू सहित भारतीय किसान यूनियन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन ने उम्मीद जताई कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर खिलाड़ियों को सुरक्षित और बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध कराएगा।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

