बड़ौत,08 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। नगर की मंडी स्थित श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में अजितनाथ सभागार में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य एवं धार्मिक वातावरण में शुभारंभ हुआ। आचार्य श्री आर्जव सागर महाराज के ससंघ मंगल सान्निध्य में आयोजित इस विधान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। प्रथम दिन सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
आज से 15 अक्टूबर तक चलने वाले इस सिद्धचक्र महामंडल विधान में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रथम दिन विधि-विधान के साथ विधान की शुरुआत हुई। आचार्य श्री के मंगल प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को धर्म, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना का संदेश दिया।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ विधान का शुभारंभ
विधान के प्रथम दिन विधानाचार्य पं. सनत कुमार जैन एवं पं. विनोद कुमार जैन के निर्देशन में विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक परंपराओं के अनुसार झंडारोहण के साथ हुई। झंडारोहण का सौभाग्य जितेंद्र कुमार एवं सौरभ जैन को प्राप्त हुआ।
झंडारोहण के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयघोष किए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की।
शांति धारा में श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा
विधान के दौरान शांति धारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र राजेश जैन भारती एवं श्रीपाल इंद्र संजय जैन को प्राप्त हुआ। शांति धारा के दौरान धार्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन में हिस्सा लिया।
इसके बाद आचार्य श्री की पूजा की गई और सिद्धचक्र महामंडल विधान की विभिन्न धार्मिक क्रियाएं एवं पूजन संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा एवं आस्था के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्यार्जन किया।
आचार्य श्री के मंगल प्रवचन से मिला आध्यात्मिक संदेश
आचार्य श्री आर्जव सागर महाराज के मंगल सान्निध्य में हुए आध्यात्मिक प्रवचन ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उनके प्रवचनों के दौरान सभागार में उपस्थित श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ आध्यात्मिक संदेश सुनते रहे। आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रवचन को भी विशेष महत्व दिया गया।
भजनों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान संतोष कुमार संगीतकार द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। मंदिर परिसर में भक्ति संगीत और धार्मिक जयघोष से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
भक्तिमय प्रस्तुतियों ने आयोजन में श्रद्धा और उत्साह का संचार किया तथा श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता की।
गुरु पूजन का आयोजन
विधान के अवसर पर गुरु पूजन ऋषिका दीदी द्वारा कराया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण भाव के साथ पूजन किया। धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में गुरु पूजन ने भी विशेष आध्यात्मिक वातावरण बनाया।
वहीं श्री स्यादवाद महिला संगठन मंडी की महिलाओं ने भक्ति करते हुए पूजन द्रव्य समर्पित किए। महिला संगठन की सहभागिता से आयोजन में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का मिला सौभाग्य
आचार्य श्री आर्जव सागर महाराज के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य कुबेर इंद्र लोकेश जैन को प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के प्रति श्रद्धा एवं विनय भाव प्रकट किया।
इसके साथ ही जिनवाणी स्थापना का सौभाग्य संजय जैन एवं श्री स्यादवाद महिला संगठन मंडी को प्राप्त हुआ। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुए इन कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
विभिन्न धार्मिक पात्रों ने निभाई जिम्मेदारी
सिद्धचक्र महामंडल विधान में विभिन्न धार्मिक पात्रों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। विधान में कुबेर इंद्र सतेंद्र जैन, चक्रवर्ती लोकेश जैन, महायज्ञनायक सुभाष जैन, यज्ञनायक नीरज जैन, ईशान इंद्र अनिल जैन, सानत इंद्र गौरव जैन, महेंद्र इंद्र प्रवीण जैन आदि की सहभागिता रही।
सभी ने धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धापूर्वक भाग लेकर आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
15 अक्टूबर तक चलेगा धार्मिक आयोजन
श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन 15 अक्टूबर तक किया जाएगा। आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। आयोजन को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
मंदिर कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और आध्यात्मिक साधना से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। प्रथम दिन ही श्रद्धालुओं की बड़ी सहभागिता से आयोजन की भव्यता दिखाई दी।
भक्तिमय वातावरण में हुआ प्रथम दिन का समापन
सिद्धचक्र महामंडल विधान के प्रथम दिन मंदिर परिसर में सुबह से लेकर धार्मिक कार्यक्रमों के समापन तक श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। पूजन-अर्चन, धार्मिक अनुष्ठान, गुरु पूजन, भजनों और आचार्य श्री के मंगल प्रवचनों ने आयोजन को विशेष बना दिया।
श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के सान्निध्य में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। आने वाले दिनों में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी जैन समाज के लोगों में उत्साह बना हुआ है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

