नई दिल्ली,06 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। राजधानी दिल्ली में रामलीलाओं का रंग चढ़ने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। 11 से 21 अक्टूबर तक राजधानी के अलग-अलग इलाकों में होने वाले रामलीला मंचन और 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम करने की तैयारी शुरू कर दी है।
रामलीला आयोजनों के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली पुलिस तथा रामलीला समितियों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयोजन स्थलों के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ-साथ भीड़ की आवाजाही, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा यातायात पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
रामलीला महासंघ और पुलिस के बीच अहम बैठक
रामलीला और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने को लेकर श्री रामलीला महासंघ, दिल्ली के पदाधिकारियों और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में राजधानी की विभिन्न रामलीला कमेटियों से जुड़े पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों की ओर से पुलिस अधिकारियों के सामने रामलीला स्थलों पर आने वाली संभावित भीड़ और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की गई।
महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि रामलीला और दशहरा पर्व राजधानी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े बड़े आयोजन हैं। ऐसे में आयोजन को भव्य बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) देवेश श्रीवास्तव ने रामलीला महासंघ के पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि राजधानी में होने वाली सभी रामलीलाओं और दशहरा कार्यक्रमों के दौरान पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। आयोजन स्थलों पर भीड़ की स्थिति को देखते हुए आवश्यक पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस की ओर से रामलीला समितियों को हरसंभव सहयोग देने का भी आश्वासन दिया गया है। साथ ही आयोजन समितियों से भी पुलिस और प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने की अपील की गई है।
चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर
रामलीला के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के आयोजन स्थलों तक पहुंचने की संभावना रहती है। खासतौर पर सप्ताहांत और दशहरा के दिन भीड़ काफी बढ़ सकती है। इसे देखते हुए पुलिस का ध्यान केवल मंच और रामलीला मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आयोजन स्थल के आसपास के प्रमुख मार्गों, प्रवेश और निकास क्षेत्रों तथा भीड़ के आवागमन वाले स्थानों पर भी रहेगा।
भीड़ बढ़ने की स्थिति में पुलिस द्वारा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा एवं प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि श्रद्धालुओं और दर्शकों को आयोजन स्थल तक पहुंचने और वापस लौटने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
दशहरा पर सुरक्षा की विशेष चुनौती
20 अक्टूबर का दशहरा पर्व सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक होगा। राजधानी में अलग-अलग स्थानों पर रामलीला मंचन के साथ रावण दहन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
दशहरा के दिन भीड़ का दबाव बढ़ने के साथ यातायात व्यवस्था भी चुनौती बन सकती है। इसे देखते हुए पुलिस द्वारा आयोजन स्थलों और उनके आसपास के प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया जाएगा।
ट्रैफिक पर भी रहेगी खास नजर
रामलीला और दशहरा आयोजनों के दौरान राजधानी की सड़कों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन को सुरक्षा योजना का अहम हिस्सा बनाया गया है।
आयोजन स्थलों के आसपास यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस की ओर से विशेष ट्रैफिक प्रबंध किए जाएंगे। कोशिश रहेगी कि रामलीला स्थलों के आसपास जाम की स्थिति पैदा न हो और आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
जहां आवश्यकता होगी, वहां यातायात के प्रवाह को नियंत्रित करने और भीड़ को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस का फोकस आयोजन में आने वाले लोगों के साथ-साथ उन वाहन चालकों पर भी रहेगा, जिनका नियमित आवागमन रामलीला क्षेत्रों से होकर होता है।
रामलीला समितियों से सहयोग की अपील
पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा योजना में रामलीला समितियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आयोजकों से अपेक्षा की गई है कि वे आयोजन स्थल पर सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करें और किसी भी समस्या की स्थिति में पुलिस को तत्काल जानकारी दें।
रामलीला समितियों और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल रहने से भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आसानी होगी। आयोजकों की ओर से भी यह भरोसा दिलाया गया है कि वे पुलिस-प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का किया गया सम्मान
बैठक के दौरान श्री रामलीला महासंघ की ओर से दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मान भी किया गया। महासंघ के महामंत्री सुभाष गोयल ने बताया कि महासंघ की ओर से स्पेशल सीपी देवेश श्रीवास्तव, संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह एवं मिलिंद महादेव डूंबरें सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
महासंघ ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि रामलीला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आयोजन समितियां पुलिस के साथ मिलकर काम करेंगी।
धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक
रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि दिल्ली की रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक भी है। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य और धर्म के संदेश को समाज तक पहुंचाया जाता है।
उन्होंने कहा कि राजधानी में अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित होने वाली रामलीलाओं में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी रहती है। ऐसे में आयोजकों की जिम्मेदारी है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सुरक्षा और व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जाए।
भव्य आयोजन के साथ सुरक्षित माहौल पर जोर
महासंघ का कहना है कि इस बार भी रामलीलाओं को भव्य रूप देने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोजन समितियां पुलिस और प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहेंगी ताकि किसी भी तरह की समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।
रामलीला के दौरान मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में परिवारों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य श्रद्धालुओं की सुविधा तथा सुरक्षित आवागमन को लेकर भी आयोजकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
11 से 21 अक्टूबर तक चलेगा रामलीला का दौर
राजधानी में 11 से 21 अक्टूबर तक विभिन्न स्थानों पर रामलीला मंचन और उससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान लगातार कई दिनों तक अलग-अलग आयोजन स्थलों पर दर्शकों की आवाजाही बनी रहेगी।
पुलिस के सामने चुनौती केवल एक दिन की नहीं बल्कि लगातार कई दिनों तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बनाए रखने की होगी। खासतौर पर दशहरा के आसपास भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी जोर
बैठक में केवल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की गई। आयोजन स्थलों पर आने वाले लोगों को व्यवस्थित तरीके से प्रवेश और निकास उपलब्ध कराने, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
पुलिस और रामलीला समितियों का समन्वय जितना बेहतर होगा, आयोजन उतना ही सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकेगा।
दिल्ली में रामलीला के साथ बढ़ेगा उत्सव का माहौल
रामलीला के आयोजन के साथ राजधानी में नवरात्र और दशहरा उत्सव का माहौल भी पूरी तरह दिखाई देने लगेगा। अलग-अलग इलाकों में सजने वाले मंच, धार्मिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और रावण दहन कार्यक्रम दिल्लीवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
इन आयोजनों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में पुलिस की तैयारियां पूरे आयोजन को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
पुलिस-प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी
कुल मिलाकर दिल्ली में इस बार रामलीला और दशहरा आयोजनों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और रामलीला महासंघ दोनों गंभीर नजर आ रहे हैं। पुलिस ने सुरक्षा का भरोसा दिया है तो महासंघ ने भी प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय का आश्वासन दिया है।
11 से 21 अक्टूबर तक रामलीलाओं और 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व के दौरान दिल्ली में सुरक्षा का पूरा चक्रव्यूह तैयार रहेगा। भीड़ बढ़ने के साथ पुलिस की निगरानी भी बढ़ेगी और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाएगी।
उद्देश्य साफ है—रामलीला भव्य हो, दशहरा उत्साह से मनाया जाए और राजधानी में आने वाला हर श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में त्योहार का आनंद लेकर घर लौटे।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

