खेकड़ा, 26 जुलाई 2026 (यूटीएन)। कस्बे की समाजसेवी एवं धार्मिक संस्था जैन मिलन की महत्वपूर्ण बैठक में बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से संस्कार शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी 19 अगस्त को अतिशय क्षेत्र बड़ागांव में आयोजित होने वाले पारस प्रभु निर्वाण महोत्सव में पैदल यात्रा कर पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं का खेकड़ा में भव्य स्वागत, जलपान और सेवा-सत्कार किया जाएगा।
धर्मेंद्र जैन के आवास पर आयोजित बैठक की शुरुआत णमोकार मंत्र के सामूहिक उच्चारण तथा भगवान महावीर स्वामी की प्रार्थना से हुई। इसके बाद धर्म, समाज सेवा, युवा पीढ़ी में संस्कारों के संरक्षण तथा आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता मनोज जैन ने की, जबकि संचालन महेश जैन ने किया। कार्यक्रम में संस्था के प्रदेश अध्यक्ष जनेश्वर दयाल जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक और नैतिक शिक्षा देना भी उतना ही आवश्यक है। तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश में बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं, शिष्टाचार, अनुशासन, सेवा, करुणा और अहिंसा जैसे मूल्यों से जोड़ने के लिए नियमित रूप से संस्कार शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में बच्चों को जैन धर्म के सिद्धांतों, भगवान महावीर के संदेश, पर्यावरण संरक्षण, जीव दया, माता-पिता एवं गुरुजनों के सम्मान, सत्य, संयम और सदाचार का महत्व व्यावहारिक रूप से समझाया जाएगा।
संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि संस्कार शिविरों में धार्मिक प्रवचन, प्रेरक कथाएं, नैतिक शिक्षा, योग, ध्यान, प्रार्थना, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, चित्रकला, भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चे रुचि के साथ उनमें भाग लें और संस्कारों को अपने जीवन में आत्मसात कर सकें।
बैठक में आगामी पारस प्रभु निर्वाण महोत्सव की तैयारियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने बताया कि 19 अगस्त को अतिशय क्षेत्र बड़ागांव में भगवान पार्श्वनाथ (पारस प्रभु) का निर्वाण महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। महोत्सव के तहत 18 अगस्त को धार्मिक अनुष्ठान, भक्ति संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रवचन एवं अन्य आध्यात्मिक आयोजन होंगे, जबकि 19 अगस्त को विशेष पूजा-अर्चना, निर्वाण लड्डू चढ़ाने का अनुष्ठान और विशाल धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बताया गया कि इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों जैन श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए बड़ागांव पहुंचेंगे। खेकड़ा नगर से होकर गुजरने वाले इन श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए संस्था विशेष सेवा शिविर लगाएगी। यहां श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल, जलपान, चाय, फल, प्राथमिक उपचार, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। संस्था के सदस्य पूरे सेवाभाव के साथ यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखेंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महोत्सव के दौरान संस्था के स्वयंसेवक बड़ागांव पहुंचकर विभिन्न धार्मिक आयोजनों और निर्वाण लड्डू महाअनुष्ठान की व्यवस्थाओं में भी सक्रिय सहयोग देंगे। श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, सेवा कार्यों और आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
संगठन के विस्तार को लेकर भी बैठक में निर्णय लिए गए। इस दौरान प्रेमचंद जैन, त्रिलोक जैन और निहाल जैन को जैन मिलन संस्था की सदस्यता प्रदान कर उनका स्वागत किया गया। पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि नए सदस्यों के जुड़ने से संस्था की सामाजिक, धार्मिक और सेवा संबंधी गतिविधियों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
प्रदेश अध्यक्ष जनेश्वर दयाल जैन ने अपने संबोधन में कहा कि समाज तभी मजबूत बनता है जब नई पीढ़ी संस्कारों से जुड़ी रहे। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उनके माध्यम से समाज में सेवा, सद्भाव, अनुशासन और मानवीय मूल्यों का भी प्रसार होना चाहिए। उन्होंने सभी सदस्यों से अधिक से अधिक युवाओं और बच्चों को संस्था की गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने आगामी धार्मिक कार्यक्रमों को सफल बनाने, समाज में सेवा और संस्कारों के प्रचार-प्रसार को आगे बढ़ाने तथा अधिकाधिक लोगों को धर्म एवं सामाजिक कार्यों से जोड़ने का संकल्प लिया। साथ ही पारस प्रभु निर्वाण महोत्सव को श्रद्धा, अनुशासन और भव्यता के साथ संपन्न कराने के लिए सामूहिक सहयोग का आह्वान किया गया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

