खेकड़ा,26 जुलाई 2026 (यूटीएन)। डूंडाहैड़ा क्षेत्र स्थित आचार्य श्री विद्यासागर गौशाला रविवार को भक्ति और साधना के रंग में रंग गई। यहां साधनामय वर्षायोग के शुभारंभ पर मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ आयोजित किया गया। जैन संतों के सानिध्य में हुए धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्मलाभ उठाया।
कार्यक्रम का आयोजन आचार्य वसुनंदी मुनिराज के पावन आशीर्वाद से किया गया। समारोह में मुनि नमिसागर महाराज, ऐलक विज्ञानसागर महाराज और क्षुल्लक पूर्णानंद महाराज के वर्षायोग साधना कार्यक्रम के लिए पूरे विधि-विधान के साथ मंगल कलश स्थापित किए गए। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए और पूरा गौशाला परिसर धर्ममय हो गया। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही वर्षायोग के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि, वर्षायोग के दौरान साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर साधना, स्वाध्याय और धार्मिक प्रवचनों के माध्यम से समाज को धर्म, संस्कार और संयम का संदेश देंगे।
संतों की साधना से मिलेगी धर्म और संस्कारों की प्रेरणा
वर्षायोग के दौरान आचार्य श्री विद्यासागर गौशाला परिसर में विभिन्न धार्मिक गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं ने कहा कि, संतों का सानिध्य समाज के लिए सौभाग्य का अवसर है। संतों की साधना और प्रवचनों से युवा पीढ़ी को धर्म, संस्कार और संयम की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में जैन समाज के अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

