बागपत,26 अगस्त 2026 (यूटीएन)। बागपत पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल सुभाष चंद्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। उनका शव सिसाना गांव स्थित किराए के मकान में जमीन पर पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
बताया गया है कि करीब 50 वर्षीय हेड कांस्टेबल सुभाष चंद्र मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के गुलावठी थाना क्षेत्र के औरंगाबाद अहीर गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में उनकी तैनाती बागपत पुलिस लाइन में थी। पिछले करीब डेढ़ वर्ष से वह सिसाना गांव में किराए के मकान में रह रहे थे। वह नियमित रूप से अपनी ड्यूटी करते थे और इसी मकान से पुलिस लाइन आना-जाना करते थे।
बताया जा रहा है कि सुबह के समय काफी देर तक मकान का गेट नहीं खुला। आसपास रहने वाले लोगों को जब कुछ असामान्य लगा तो उन्होंने अंदर जाकर देखा। मकान के अंदर हेड कांस्टेबल सुभाष चंद्र जमीन पर पड़े मिले। लोगों ने उन्हें उठाने का प्रयास किया और घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला फिसलकर गिरने के कारण हुई मौत का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के कारण प्रत्येक पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह काफी हद तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
घटना की सूचना मिलने के बाद एएसपी प्रवीण सिंह चौहान ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से घटनाक्रम की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल की स्थिति का बारीकी से जायजा लेते हुए आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई।
पुलिस द्वारा मकान और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले हेड कांस्टेबल के मकान के आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे और उनके मकान पर किसी व्यक्ति के आने-जाने की गतिविधि तो नहीं हुई। इसके अलावा आसपास के लोगों से पूछताछ कर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुभाष चंद्र पिछले काफी समय से सिसाना में रह रहे थे। उनके इस तरह अचानक मृत मिलने की खबर से आसपास के लोगों में भी चर्चा का माहौल बन गया। वहीं पुलिस विभाग के कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली तो विभाग में भी शोक की स्थिति बन गई।
पुलिस ने मृतक हेड कांस्टेबल के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। सूचना मिलने के बाद परिवार में भी कोहराम मच गया। परिजनों के बागपत पहुंचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस की ओर से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हेड कांस्टेबल सुभाष चंद्र की तबीयत घटना से पहले कैसी थी। इसके साथ ही उनके रोजमर्रा के कार्यक्रम, ड्यूटी से लौटने का समय और मकान में उनके आने-जाने से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा सकती है। पुलिस आसपास के लोगों और परिचितों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि मौत किस वजह से हुई और शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान हैं या नहीं। पुलिस रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्रथम दृष्टया गिरने से मौत की आशंका है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस घटना के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। यदि जांच में किसी अन्य कारण या किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मृतक हेड कांस्टेबल के पुलिस विभाग में तैनात होने के कारण मामले की जांच को लेकर अधिकारी भी गंभीरता बरत रहे हैं। घटनास्थल का निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज की जांच, स्थानीय लोगों से पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट—इन सभी को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
फिलहाल शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही हेड कांस्टेबल सुभाष चंद्र की मौत की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

