मथुरा,14 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने अपशिष्ट जल का बेहतर निस्तारण नहीं होने पर 98 होटल और रेस्टोरेंट को नोटिस थमाया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों से जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है। अब अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी। फरीदाबाद निवासी पर्यावरणविद व अधिवक्ता नरेंद्र सिराेही ने एनजीटी में याचिका दाखिल की है। इसकी सुनवाई बीती बृहस्पतिवार को एनजीटी कोर्ट में हुई थी। उनका आरोप है कि हाईवे पर मथुरा सीमा में लगभग 98 होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं। इनके यहां प्रदूषण नियंत्रण और अपशिष्ट जल का सही निस्तारण नहीं हो रहा है।
इससे मिट्टी और भूजल को दूषित कर रहे हैं। उनके अधिवक्ता संजय मिश्रा का कहना कि बिना मानकों के संचालित रेस्टोरेंट व होटलों की सूची के उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपी गई थी, लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर एनजीटी ने शासन से लेकर स्थानीय अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।




