झुंझुनूं,17 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। अक्षय तृतीया जैसे संवेदनशील अवसर पर बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने अपने कार्यालय में बाल विवाह रोकथाम से संबंधित जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया।
यह पहल राजस्थान महिला कल्याण मंडल एवं बाल अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में की गई। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल एक गंभीर सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को दें और इस कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय सहयोग करें।

बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अरविंद ओला ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना देता है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं राजस्थान महिला कल्याण मंडल की जिला समन्वयक चेतना शर्मा ने बताया कि संस्था लगातार जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चला रही है।
इस अवसर पर बाल अधिकारिता विभाग के विकास, मनोज, राजस्थान महिला कल्याण मंडल संस्था से टीना चौरासीया, अदिति मीणा, मनोज कुमार उपस्थित रहे।
राजस्थान-रिपोर्टर,(सुरेश सैनी)।




