वृंदावन,25 जून 2026 (यूटीएन)। तीर्थ नगरी वृंदावन में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्युत निगम ने एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी है। कांशीराम बिजलीघर से रंगजी बगीचा बिजलीघर तक आने वाली 33 हजार केवी हाईटेंशन लाइन पर वर्षों से निर्भरता बनी हुई है। इस लाइन में किसी प्रकार का फाल्ट, तकनीकी खराबी, ट्रिपिंग या मरम्मत कार्य होने पर रंगजी बगीचा बिजलीघर से जुड़े बड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो जाती थी। अब इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में विभाग ने वैकल्पिक हाईटेंशन लाइन बिछाने की तैयारी शुरू कर दी है। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई 33 केवी इंटरसेप्टर लाइन वर्तमान लाइन के समानांतर कार्य करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी कारण से मौजूदा लाइन बंद हो जाए तो दूसरे मार्ग से बिजली आपूर्ति जारी रखी जा सके।
इससे हजारों घरेलू, व्यावसायिक और धार्मिक संस्थानों को राहत मिलेगी। वृंदावन जैसे धार्मिक शहर में बिजली की निर्बाध उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहां वर्षभर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्री बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर, रंगनाथ मंदिर, शाहजी मंदिर सहित अनेक प्रमुख धार्मिक स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तों का आगमन होता है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। गर्मी के मौसम में समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। एयर कंडीशनर, कूलर, पंखे तथा अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग से बिजली की मांग बढ़ जाती है।
ऐसे समय में यदि मुख्य लाइन में फाल्ट आ जाए तो कई घंटे तक बिजली बहाल करने में लग जाते हैं। नई इंटरसेप्टर लाइन इस समस्या का प्रभावी समाधान साबित हो सकती है। जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में वृंदावन का तेजी से विस्तार हुआ है। नई आवासीय कॉलोनियां, बहुमंजिला अपार्टमेंट, होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बड़ी संख्या में विकसित हुए हैं। इसके कारण बिजली खपत में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। विद्युत ढांचे को मजबूत किए बिना भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना तैयार की गई है। एसडीओ संदीप वाष्र्णेय ने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 2 करोड़ 94 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि नई लाइन बनने के बाद रंगजी बगीचा बिजलीघर को दो स्रोतों से आपूर्ति उपलब्ध रहेगी, जिससे किसी एक लाइन के बंद होने पर दूसरी लाइन तत्काल सक्रिय की जा सकेगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार नई लाइन बनने से केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही नहीं बल्कि नियमित रखरखाव कार्यों के दौरान भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। वर्तमान व्यवस्था में मरम्मत के लिए लाइन बंद करनी पड़ती है, जिससे बड़े क्षेत्र की बिजली प्रभावित होती है। नई व्यवस्था में एक लाइन पर कार्य होने के दौरान दूसरी लाइन से आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी। स्थानीय व्यापारियों ने भी इस योजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बिजली कटौती के कारण दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान उठाना पड़ता है। धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान बिजली बाधित होने से व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं।
नई लाइन शुरू होने के बाद कारोबार को भी लाभ मिलेगा। वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार अचानक फाल्ट आने से घंटों बिजली गुल रहती थी, जिससे पेयजल आपूर्ति, इंटरनेट सेवाएं और घरेलू कार्य प्रभावित होते थे। नई परियोजना से लोगों को अधिक भरोसेमंद और स्थिर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। विद्युत विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं बल्कि भविष्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। आने वाले वर्षों में वृंदावन के विकास और बढ़ते विद्युत भार को देखते हुए ऐसी बैकअप व्यवस्थाएं अत्यंत आवश्यक होंगी। यदि कार्य निर्धारित समय पर पूरा हो जाता है तो रंगजी बगीचा बिजलीघर से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिलेगी। साथ ही वृंदावन की विद्युत व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक बन सकेगी।
मथुरा- ब्यूरो चीफ, (समीर सेन)।

