नई दिल्ली, 11 मई 2026 (यूटीएन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। सोमवार को गिर सोमनाथ में भव्य रोड शो के बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर में कुंभाभिषेक और पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने हेलीपैड से मंदिर तक 1 किलोमीटर लंबा रोड शो किया. इस मौके पर मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया है.
गिर सोमनाथ में रोड शो करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने कुंभाभिषेक और पूजा अर्चना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव के तहत बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर में पूजा-पाठ की। इस दौरान वायुसेना के हेलीकॉप्टर से आसमान से पुष्प वर्षा भी की गई। इस दौरान ध्वजारोहण भी किया गया।
*प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अभी कुछ ही महीने पहले मैं यहां आया था, तब हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे थे। प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व और आज इस आधुनिक स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष, हम केवल दो आयोजनों का हिस्सा भर नहीं बनें, हमें हजार वर्षों की अमृत यात्रा को अनुभव करने का शिवजी ने मौका दिया है।
*सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 75 साल पहले आज के ही दिन सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना... ये कोई साधारण अवसर नहीं था। अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था तो, 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था।
*सोमनाथ का अमृत महोत्सव अगले एक हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का महोत्सव*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं यहां देख रहा हूं कि सोमनाथ का अमृत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं है। ये अगले एक हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का महत्व भी है।
*आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया गया*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा।
दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत, जो परमाणु परीक्षण करें।
*जिसके नाम में ही सोम जुड़ा हो, उसे कौन नष्ट कर सकता है*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जब मैं पिछली बार यहां आया था, तब मैंने कहा था कि जिसके नाम में ही सोम अर्थात अमृत जुड़ा हो, उसे कौन नष्ट कर सकता है। इतिहास के लंबे कालखंड में इस मंदिर ने अनेक आक्रमण झेले। महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी जैसे अनेक आक्रांता आए। लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास किया। वो सोमनाथ को एक भौतिक ढांचा मानकर उससे टकराते रहे। बार-बार इस मंदिर को तोड़ा गया। ये बार-बार बनता रहा। हर बार उठ खड़ा होता रहा! क्योंकि तोड़ने वालों को मालूम नहीं था कि हमारे राष्ट्र का वैचारिक सामर्थ्य क्या है। हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग हैं। उसके भीतर बैठी आत्मा अविनाशी है। और शिव तो सर्वात्मा हैं।
*पोखरण परमाणु परीक्षण को दिया गया था ऑपरेशन शक्ति नाम*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश ने पोखरण परमाणु परीक्षण को ऑपरेशन शक्ति नाम दिया था, क्योंकि, शिव के साथ शक्ति की आराधना ही हमारी परंपरा रही है। शिव और शक्ति की हमारी आराधना का जो विचार है, वो देश की वैज्ञानिक प्रगति के लिए भी प्रेरणा बने। आज हम ये संकल्प भी साकार होते देख रहे हैं। मैं इस अवसर पर भगवान सोमनाथ के चरणों से सभी देशवासियों को ऑपरेशन शक्ति की वर्षगांठ की भी बधाई देता हूं।
*भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति अटल*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, दुनियाभर की शक्तियां भारत को दबोचने के लिए मैदान में उतरी। अनेक प्रकार के बंधन लग गए। आर्थिक संभावनाओं के सारे रास्ते बंद कर दिए गए। 11 मई के बाद दुनिया हम पर टूट पड़ी थी। लेकिन 13 मई को फिर दो और परमाणु परीक्षण हुए थे।
उससे दुनिया को पता चला था कि भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति कितनी अटल है। उस समय पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था। लेकिन अटल जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने दिखाया था कि हमारे लिए राष्ट्र प्रथम है। दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती, दबाव में नहीं ला सकती।
*सरदार वल्लभभाई पटेल को किया याद*
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के समय सरदार वल्लभभाई पटेल ने 500 से ज्यादा रियासतों को जोड़कर देश को एकजुट किया और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प भी पूरा किया. उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार सोमनाथ आने का अवसर मिला है और कुछ समय पहले भी वे यहां आए थे.
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आक्रमणकारी सोमनाथ को सिर्फ एक भौतिक ढांचा मानते रहे, इसलिए बार-बार उसे तोड़ा गया. लेकिन हर बार सोमनाथ फिर खड़ा हो गया, क्योंकि तोड़ने वाले भारत की वैचारिक शक्ति को समझ नहीं सके. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति भौतिक शरीर को नश्वर मानती है, लेकिन उसके भीतर की आत्मा को अविनाशी मानती है. पीएम मोदी ने कहा कि शिव तो सर्वात्मा हैं और यह भारत की सनातन चेतना की सबसे बड़ी ताकत है.
*“कई बार सोमनाथ आने का मिला अवसर”*
पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें कई बार सोमनाथ आने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि अभी कुछ समय पहले भी वे सोमनाथ आए थे और इस पवित्र धाम से उनका विशेष जुड़ाव रहा है. प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं. गुजरात में सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के स्वाभिमान, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र की ताकत को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि हमारे यहां स्वाभिमान जैसे विषय पर भी राजनीति होती है.
*पीएम मोदी ने जारी किया डाक टिकट और सिक्का*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर की विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया। इससे पूर्व सोमनाथ पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने हेलीपैड से वीर हमीरजी स्कूल तक रोड शो किया।1.5 किलोमीटर के इस रोड शो में भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ पीएम ने जनता का अभिवादन स्वीकार किया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।
रोड शो के दौरान सड़क के दोनों तरफ हजारों लोग एकत्रित हुए, जिन्होंने फूल बरसाकर और नारे लगाकर पीएम मोदी का स्वागत किया।सांस्कृतिक कार्यक्रम: रोड शो के दौरान देश भर के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

