मुंबई, 10 मई 2026 (UTN)। मुंबई के नेहरू सेंटर के हॉल ऑफ हार्मनी में “शतायु संघ और महिला सहभागिता” विषय पर एक खास विचार गोष्ठी और पुस्तक चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कमला ट्रस्ट की ट्रस्टी, भारत विकास परिषद की वाइस प्रेसिडेंट निदर्शना गोवानी और वर्षा तावड़े ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी उपस्थित रहे। अखिल भारतीय सह संयोजिका भाग्यश्री (चंदा) साठये ने महिला सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर बात की। इस मौके पर डॉ. शोभा विजेंद्र की लिखी पुस्तक “शतायु संघ और महिला सहभागिता” पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी वक्ताओं ने कहा कि संघ के 100 साल पूरे होने पर यह जरूरी है कि लोग जानें कि संघ में महिलाओं का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। अक्सर लोग सोचते हैं कि संघ सिर्फ पुरुषों का संगठन है, लेकिन महिलाओं ने सेवा, संस्कार और सामाजिक जागरण में अहम भूमिका निभाई है।
पुस्तक तीन भागों में है। इसमें लेखिका के अपने अनुभव, सरसंघचालकों के प्रेरक विचार और देश की कई प्रतिष्ठित महिलाओं के लेख शामिल हैं। यह पुस्तक बताती है कि संघ की विचारधारा में मातृशक्ति हमेशा महत्वपूर्ण रही है। निदर्शना गोवानी ने अपने संबोधन में कहा कि संघ से जुड़कर उन्हें धैर्य, सेवा भाव, अनुशासन और सभी को साथ लेकर चलने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के माध्यम से लोगों के साथ जुड़ना और सामूहिक रूप से कार्य करना उनके जीवन की बड़ी सीख रही है, जिसे उन्होंने पुस्तक में भी साझा किया है।
मुख्य अतिथि प्रदीप जोशी ने अपने संबोधन में संघ के मूल विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा संघ व्यक्ति निर्माण के विचार पर ध्यान देता है। उन्होंने डॉ. शोभा विजेंद्र को इस महत्वपूर्ण विषय पर पुस्तक लिखने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक समाज के सामने महिला योगदान के अनेक प्रेरक पहलुओं को उजागर करती है।
अपने संबोधन में डॉ. शोभा विजेंद्र ने कहा कि यह पुस्तक उनके जीवन के अनुभवों पर आधारित है। बचपन से लेकर अब तक जो उन्होंने देखा, समझा और जिया, वही इस पुस्तक का आधार बना। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में कई प्रकार के प्रश्न और धारणाएं देखने को मिलती हैं, इसलिए इस पुस्तक के माध्यम से महिला सहभागिता के सकारात्मक पक्ष को सरल और सहज भाषा में सामने लाने का प्रयास किया गया है, ताकि आम लोग भी इसे आसानी से समझ सकें।
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता एवं विचारक गीता ताई गुंडे का विशेष अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक, शैक्षणिक एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
मुंबई-रिपोर्टर,(हितेश जैन)।

