नई दिल्ली, 05 जुलाई 2026 (यूटीएन)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि राम लीला मर्यादा, त्याग और सेवा के मूल्यों को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाती है। यह एक आयोजन ही नहीं भारय की आत्मा है। यहां संसद भवन में श्री रामलीला महासंघ के नेतृत्व में दिल्ली की रामलीलाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने इस अवसर पर कहा की दिल्ली में राम लीलाएं प्राचीन काल से चली आ रही हैं दिल्ली में सभी एजेंसियां फ्री ग्राउंड देती हैं, दिल्ली विकास प्राधिकरण भी अपने ग्राउंड रामलीलाओं के लिए निशुल्क दे तथा रामलीलाओं को फ्री बिजली प्रदान की जाए
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि रामलीला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही रामलीला की परंपरा ने भारतीय समाज को मर्यादा, कर्तव्य, त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया है तथा इसका संरक्षण और निरंतरता सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बिरला ने कहा कि देशभर की रामलीला समितियाँ भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। इन समितियों ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक आयोजनों को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए नवाचार, तकनीक और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रामलीला सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है। समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर यह आयोजन भारतीय जीवन दर्शन की व्यापकता और समावेशी भावना को सुदृढ़ करता है। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष का रामलीला महासंघ की और से अर्जुन कुमार एवं सुभाष गोयल ने गदा एवं रामायण की प्रति भेंट कर सम्मान किया गया| लोकसभाध्यक्ष ने आए हुए सभी प्रतिनिधियों को लोकसभा, राज्यसभा का अवलोकन करवाया गया.

बैठक में चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए तथा रामलीला के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, “रामलीला भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत उत्सव है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कारों और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतिबिंब है। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा रामलीला समितियों को संसद भवन में आमंत्रित कर संवाद स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रामलीला समितियाँ भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर की संरक्षक हैं और इनके माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह गौरवशाली परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक और अधिक सशक्त रूप में पहुंचे। खंडेलवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि बिरला के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में देशभर की रामलीला समितियों को नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त होगी तथा भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

