मथुरा, 08 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। जिले में पौने दो लाख वाहनों पर भले ही अभी तक एचएसआरपी नहीं लगाई गई है, लेकिन जिले में सैकड़ों वाहन चालक ऑनलाइन चालान से बचने के लिए प्लेट से नंबरों को ही गायब कर देते हैं। इससे कैमरों से चालान नहीं हो पाता है। नंबर प्लेट से छेड़खानी या बदलने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना है, लेकिन इसकी यातायात पुलिस व आरटीओ ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वाहनों की सुरक्षा और वाहन पोर्टल पर विवरण में आसानी के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (एचएसआरपी) की व्यवस्था लागू की गई थी। बिना इस नंबर प्लेट के वाहनों की फिटनेस भी नहीं हो सकती है, लेकिन पोर्टल पर इसका भी उल्लंघन किया जा रहा है।
शहर में लोगों ने ऑनलाइन चालान से बचने के लिए नया तरीका ईजाद किया है। वह वाहन की नंबर प्लेट का एक अंक टेप से ढक देते हैं या फिर प्लेट पर गोबर या रंग आदि डालकर सीरीज का एक अंक छुपा देते हैं। इससे सीसीटीवी कैमरे से ऑनलाइन चालान नहीं हो पाता है। तमाम वाहन चालक इस तरह से न केवल यातायात नियम तोड़ रहे हैं बल्कि हादसा करके भागने के दौरान भी ऐसे वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
शहर में यातायात पुलिस भी ऐसे वाहनों का चालान नहीं करती है और परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारी भी कभी इस तरह की नंबर प्लेट वाले वाहनों के चालान नहीं काटते हैं। कई वाहन चालक तो नंबर प्लेट ही बदल लेते हैं, वह अपने स्थान पर पुरानी गाड़ी की नंबर प्लेट इस्तेमाल कर रहे हैं। आरटीओ अरुण कुमार के मुताबिक, वाहनों की नंबर प्लेट से छेड़खानी या नंबर बदलने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। ट्रैफिक पुलिस के साथ ही चेकिंग के दौरान प्रवर्तन दल भी ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करते हैं।
मथुरा-ब्यूरो चीफ, (अजय वीर सिंह)।




