खेकड़ा,09 अगस्त 2026 (यूटीएन)। कस्बे के निर्भय एनक्लेव स्थित प्रसिद्ध पार्श्वनाथ पद्मावती धाम जैन मंदिर में 30वां चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजन के दौरान पूरा मंदिर परिसर मां पद्मावती के जयकारों और भक्तिमय भजनों से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
समारोह को लेकर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। वातावरण में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
णमोकार मंत्र के सामूहिक उच्चारण से हुआ शुभारंभ
मंगल कलश स्थापना समारोह का शुभारंभ णमोकार मंत्र के सामूहिक एवं मंगलकारी उच्चारण के साथ हुआ। मंत्रोच्चार के दौरान श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।
इसके बाद मां पद्मावती की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मां को वस्त्र, शास्त्र, मेवा और फल अर्पित किए। इसके साथ ही 51 चोले अर्पित कर मां पद्मावती का आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरु मां के पाद प्रक्षालन के बाद हुई 48 दीपों से पूजा
धार्मिक अनुष्ठान के क्रम में श्रद्धालुओं द्वारा गुरु मां के पाद प्रक्षालन की विधि संपन्न की गई। इसके पश्चात 48 दीपों से दिव्य पूजा-अर्चना की गई।
दीपों की रोशनी और भक्ति गीतों के बीच मंदिर परिसर का वातावरण अत्यंत आध्यात्मिक एवं भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग के साथ पूजा में हिस्सा लिया।
विशिष्ट श्रद्धालुओं ने की मंगल कलश स्थापना
समारोह में विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने मंगल कलश स्थापना में सहभागिता की। मुख्य मंगल कलश की स्थापना रोहिणी, दिल्ली निवासी राजेश जैन ने अपने परिवार सहित धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ की।
इसके अलावा गिरिडीह निवासी रेणु जालान, मॉडल टाउन दिल्ली निवासी दीपक जैन तथा चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक लाल मंदिर से पधारे पुनीत जैन ने मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों के साथ मिलकर अन्य मंगल कलश स्थापित किए।
मंगल कलश स्थापना के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच अनुष्ठान में भाग लिया।
अतिथियों का किया आत्मीय स्वागत
मंदिर समिति की ओर से समारोह में शामिल सभी विशिष्ट अतिथियों और श्रद्धालुओं का पटका पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। समिति पदाधिकारियों ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है और नई पीढ़ी को भी अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
महाआरती के साथ हुआ समारोह का समापन
मंगल कलश स्थापना एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत महाआरती का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाआरती में सहभागिता की और मां पद्मावती के समक्ष अपनी श्रद्धा अर्पित की।
महाआरती के पश्चात पूज्य सरस्वती माताजी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। श्रद्धालुओं ने माताजी से धर्म, शांति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
समारोह में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे। देश-विदेश से आए जैन समाज के श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर धर्मलाभ लिया।
इस अवसर पर जनेश्वरदयाल जैन, कपिल जैन, दीपक जैन, विकास जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर परिसर में पूरे आयोजन के दौरान भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा।
6 सितंबर को सजेगी मां पद्मावती की विशेष चौकी
समारोह के दौरान आगामी धार्मिक आयोजन की भी जानकारी दी गई। श्रद्धालु नरेश जैन ने बताया कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से जन-जन में भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है।
उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में आगामी 6 सितंबर को मां पद्मावती की भव्य एवं विशेष चौकी का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन चांदनी चौक दिल्ली स्थित लाल मंदिर के पदाधिकारी पुनीत जैन के सौजन्य से किया जाएगा।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मां पद्मावती की विशेष चौकी में सहभागिता करने और धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है।
धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला के चलते पार्श्वनाथ पद्मावती धाम में आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

