टंकी को गिराने से पहले सुरक्षा के लिहाज से उसका रुख जेएम कोर्ट की ओर रखा गया और एहतियातन कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया। धमाके के बाद टंकी तय दिशा में गिरी, लेकिन इस दौरान जेएम कोर्ट के दो कमरे क्षतिग्रस्त हो गए और एक बरामदे की छत भी ढह गई।
सिंचाई विभाग के एसडीओ अमर सिंह कस्तवार के अनुसार, ध्वस्तीकरण से पहले बेस तैयार करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया था। पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रशासन और विभागीय अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
इस दौरान नायब तहसीलदार शिव शंकर पटेल, जेई हेमंत सोलंकी, कृष्ण शर्मा, बार अध्यक्ष राजेश पालीवाल, सचिव सुनील पांडे समेत कई अधिवक्ता और कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे।




