सोनभद्र,06 अगस्त 2026 (यूटीएन)। जिले के बिल्ली मारकुंडी चढ़ाई स्थित शराब भट्ठी परिसर में एक गौमाता की मृत्यु की सूचना सामने आने के बाद गौसेवा से जुड़े संगठनों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अखिल भारतीय गौ सेवा समिति ट्रस्ट ने मामले पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
समिति के पदाधिकारी धीरेन्द्र जायसवाल ने कहा कि गौमाता की लगातार हो रही मौतें अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति, गोपालकों और संबंधित संस्थाओं की भी नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में कृष्णशिला परियोजना, शक्तिनगर के सामने सड़क दुर्घटना में छह गौवंशों की मौत की घटना सामने आई थी। इसके बाद अब बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में गौवंश की मृत्यु की सूचना ने एक बार फिर गौ संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धीरेन्द्र जायसवाल ने कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। गौवंश की सुरक्षा, उनके लिए सुरक्षित स्थान, उचित देखभाल और सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं की व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गौ संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक कारण सामने आ सकें और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय गौ सेवा समिति ट्रस्ट ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। समिति ने मांग की है कि:
- बिल्ली मारकुंडी चढ़ाई स्थित घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- यदि किसी गोपालक, संस्था या संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- सड़क पर निराश्रित छोड़ दिए जाने वाले गौवंश के मामलों में जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए।
- ऐसे लोगों पर रोक लगाई जाए जो अपनी गायों को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में गौवंश की जान चली जाती है।
- घटना स्थल के समीप संचालित कान्हा गौशाला की भी निष्पक्ष जांच कर वहां की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
समिति ने कहा कि गौशालाओं में पशुओं के लिए चारा, पानी, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होना जरूरी है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही बरती जाती है तो उसका खामियाजा बेजुबान पशुओं को भुगतना पड़ता है।
गौ संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील
धीरेन्द्र जायसवाल ने कहा कि गौ संरक्षण केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घायल, बीमार या निराश्रित गौवंश की सूचना तत्काल प्रशासन और गौसेवा संस्थाओं को दें, ताकि समय रहते उनकी सहायता की जा सके।
उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमते गौवंश अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं और कई बार वाहन चालकों के लिए भी खतरा बन जाते हैं। इसलिए निराश्रित पशुओं की उचित व्यवस्था करना बेहद जरूरी है।
प्रशासन से प्रभावी व्यवस्था की उम्मीद
गौसेवा समिति ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिले में गौवंश संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया जाए। सभी गौशालाओं की नियमित जांच, पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
समिति का कहना है कि गौमाता की रक्षा के लिए केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनानी होगी।
उन्होंने कहा कि बेजुबान पशुओं की सुरक्षा समाज की संवेदनशीलता का प्रतीक है। सभी के सहयोग से ही गौ संरक्षण के संकल्प को मजबूत किया जा सकता है।
अखिल भारतीय गौ सेवा समिति ट्रस्ट ने दोहराया कि गौमाता की रक्षा, सेवा और सम्मान के लिए संगठन लगातार प्रयास करता रहेगा और जहां भी गौवंश के साथ अन्याय या लापरवाही सामने आएगी, वहां आवाज उठाई जाएगी।
मकसूद अहमद ब्यूरो सोनभद्र।

