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गांव में जलभराव से मच्छरों का आतंक, ग्रामीण हो रहे परेशान

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करमा,09 अगस्त 2026 (यूटीएन)। विकास खंड करमा के ग्राम पंचायत पगिया क्षेत्र में इन दिनों जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव के कई हिस्सों में बरसात का पानी रास्तों और खाली स्थानों पर जमा होने के कारण मच्छरों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के कीड़े-मकोड़े भी पनप रहे हैं। इससे ग्रामीणों को दिन-रात परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव की नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी आसानी से निकल नहीं पा रहा है। कई जगह नालियां कचरे और गंदगी से भरी पड़ी हैं। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण रास्तों के किनारे और घरों के आसपास पानी जमा हो गया है। यही जमा हुआ पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बनता जा रहा है।

शाम होते ही बढ़ जाता है मच्छरों का प्रकोप

ग्रामीणों के अनुसार दिन के समय भी मच्छरों से राहत नहीं मिल रही है, जबकि शाम ढलते ही इनकी संख्या अचानक बढ़ जाती है। घरों के अंदर, बरामदे और आसपास के स्थानों पर मच्छरों का झुंड दिखाई देने लगता है। रात में स्थिति और भी खराब हो जाती है। मच्छरदानी का इस्तेमाल नहीं करने वाले लोगों को मच्छरों के कारण ठीक से नींद तक नहीं आ पा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि मच्छरों से बचाव के लिए बाजार में मिलने वाली अगरबत्ती और अन्य साधनों का भी कोई खास असर नहीं हो रहा है। लगातार बढ़ते मच्छरों के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है।

कई वर्षों से नहीं हुआ दवा का छिड़काव

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से मच्छरों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित रूप से दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। गांव में फॉगिंग की व्यवस्था भी लंबे समय से नहीं हुई है। इसके चलते मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की संभावना पहले से ही रहती है। ऐसे में समय रहते फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाना जरूरी है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

जलभराव वाले स्थानों पर नहीं हो रहा छिड़काव

गांव में जिन स्थानों पर बारिश का पानी कई दिनों से जमा है, वहां भी ब्लीचिंग पाउडर और अन्य मच्छररोधी दवाओं के छिड़काव की मांग ग्रामीणों ने की है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव वाले स्थानों की सफाई के साथ-साथ वहां दवा का छिड़काव किया जाए तो मच्छरों के प्रकोप को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

ग्रामीणों के मुताबिक घरों के अंदर लोग साफ-सफाई रखने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जब घरों के बाहर ही जगह-जगह गंदा पानी जमा रहेगा तो मच्छरों पर पूरी तरह नियंत्रण करना मुश्किल है। गांव के रास्तों, नालियों और खाली पड़े स्थानों की सफाई कराने की जरूरत है।

बीमारी फैलने की सता रही चिंता

मच्छरों की बढ़ती संख्या को लेकर ग्रामीणों में मौसमी और मच्छरजनित बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में पहले से ही कई तरह की मौसमी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में मच्छरों की संख्या बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत की टीम गांव का निरीक्षण कर जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित करे। जहां संभव हो वहां पानी की निकासी कराई जाए और तत्काल फॉगिंग कराई जाए। साथ ही नालियों की सफाई और नियमित दवा का छिड़काव कराया जाए।

ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल एक-दो दिनों की नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। यदि समय रहते जलभराव और मच्छरों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।

ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि गांव में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। नालियों की सफाई कराने के साथ पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। जलभराव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर तथा मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराया जाए और पूरे गांव में फॉगिंग कराई जाए।

लोगों का कहना है कि केवल घरों में सफाई रखने से समस्या का समाधान संभव नहीं है। गांव के सार्वजनिक स्थानों, नालियों और रास्तों की भी नियमित सफाई जरूरी है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द कार्रवाई कराने की मांग की है।

ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश

लगातार बढ़ती समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि कई बार संबंधित लोगों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही नालियों की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था कर दी जानी चाहिए थी।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गांव में फॉगिंग, दवा का छिड़काव और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा ले और जलभराव, गंदगी तथा मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से ग्रामीणों को तत्काल राहत दिलाई जाए।

मकसूद अहमद ब्यूरो सोनभद्र।







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