झुंझुनूं, 07 अगस्त 2026 (यूटीएन)। अंगदान के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के अभियान में झुंझुनूं जिले ने राजस्थान में दूसरा स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। जिले में चलाए गए व्यापक जन-जागरूकता अभियान के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बुधवार को जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज में आयोजित राज्य स्तरीय अंगदान जागरूकता समारोह में झुंझुनूं जिले की टीम को सम्मानित किया गया।
समारोह में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल गुर्जर, मेडिकल कॉलेज झुंझुनूं के डॉ. दीपक तंवर तथा डीपीओ सियाराम पूनिया को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
19 हजार से अधिक लोगों ने लिया अंगदान का संकल्प
जिले में अंगदान को लेकर चलाए गए अभियान का असर आंकड़ों में भी देखने को मिला है। 31 जुलाई तक झुंझुनूं जिले के 19,081 नागरिकों ने अंगदान के लिए संकल्प पत्र भरे।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के अंगदान का संकल्प लेने के चलते झुंझुनूं ने राजस्थान में भीलवाड़ा के बाद दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं देशभर में जिले को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
यह उपलब्धि जिले में प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संगठनों और आमजन की ओर से चलाए गए जागरूकता प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
अंगदान से कई लोगों को मिल सकती है नई जिंदगी
समारोह को संबोधित करते हुए चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद पैदा करने का माध्यम है। एक व्यक्ति के अंगदान से कई जरूरतमंद मरीजों को जीवन का अवसर मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि अंगदान को लेकर समाज में अभी भी जागरूकता की काफी जरूरत है। इसके लिए सरकारी प्रयासों के साथ सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
चिकित्सा मंत्री ने अधिक से अधिक लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करने और इसके महत्व को घर-घर तक पहुंचाने के लिए लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।
सामूहिक प्रयासों से मिली सफलता
जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने झुंझुनूं को मिली इस उपलब्धि का श्रेय किसी एक संस्था या विभाग को देने के बजाय सामूहिक प्रयासों को दिया।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ स्वयंसेवी संगठनों तथा जागरूक नागरिकों ने अंगदान के महत्व को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि जिले के हजारों नागरिक अंगदान का संकल्प लेने के लिए आगे आए।
जागरूकता अभियान को और गति देने पर जोर
अंगदान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले में विभिन्न स्तरों पर लोगों को जानकारी दी गई। आमजन को बताया गया कि अंगदान के माध्यम से मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद को जीवनदान दिया जा सकता है।
अभियान के दौरान लोगों को अंगदान की प्रक्रिया, संकल्प पत्र भरने और इसके सामाजिक महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विभिन्न वर्गों के लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया।
झुंझुनूं की उपलब्धि बनी प्रेरणा
राजस्थान में दूसरा और देश में तीसरा स्थान हासिल करना झुंझुनूं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिले के 19,081 लोगों का अंगदान के लिए संकल्प लेना इस बात का संकेत है कि जन-जागरूकता अभियानों के जरिए सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
अधिकारियों और अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि आगे के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी। आने वाले समय में अंगदान के प्रति जागरूकता को और व्यापक स्तर तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस मानवीय पहल से जोड़ने के प्रयास जारी रखे जाएंगे।
झुंझुनूं की यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अंगदान जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान को नई गति देने वाली मिसाल भी बन गई है।
राजस्थान-रिपोर्टर,(सुरेश सैनी)।

