मिर्जापुर,11 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। शहर के शबरी दक्षिणी इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आंगनबाड़ी केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं पर गंभीर अनियमितताओं और घोटाले जैसे आरोप लगे हैं। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय महिलाओं और नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर आवश्यक जानकारी नहीं दी जाती, न ही उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जाती है। सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला पौष्टिक आहार भी नियमित रूप से वितरित नहीं हो रहा है, जिससे महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि प्रसव के बाद, यदि किसी के घर लड़का पैदा होता है, तो कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा “निशानी” के नाम पर चांदी की पायल, नकद राशि या अन्य उपहार की मांग की जाती है। इस तरह की कथित वसूली ने गरीब परिवारों को और अधिक परेशान कर दिया है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चिंता और गुस्से का माहौल बना हुआ है।
कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और सरकार की योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाता है या नहीं।




