मथुरा,08 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। कोसीकलां की राधा बिहार कॉलोनी में रविवार रात पीएनजी गैस लाइन में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। कॉलोनी के गेट के समीप बने गैस चैंबर में तेज धमाका होने के बाद गैस लाइन से करीब 10 से 12 फीट ऊंची आग की लपटें उठने लगीं। अचानक आग लगने और धमाके की आवाज से कॉलोनी में अफरातफरी मच गई। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोग झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना रविवार रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। कॉलोनी के गेट के पास अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही गैस चैंबर के आसपास आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। आग इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
धमाके की आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। आग की लपटें कई फीट ऊपर तक उठ रही थीं और गैस का रिसाव भी जारी बताया गया। इसके चलते लोगों को किसी बड़े हादसे की आशंका सताने लगी।
गैस रिसाव से बढ़ी लोगों की चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद कुछ समय तक गैस का रिसाव जारी रहा। गैस रिसाव और आग की ऊंची लपटों के कारण आसपास के लोगों में भय का माहौल बना रहा। लोगों को आशंका थी कि यदि समय रहते गैस की आपूर्ति बंद नहीं की गई तो आग और अधिक फैल सकती है।
कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने एहतियात के तौर पर घटनास्थल से दूरी बनाई और अन्य लोगों को भी वहां जाने से रोकने का प्रयास किया। आग की स्थिति देखकर तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
करीब आधे घंटे तक बनी रही आग की स्थिति
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग और गैस रिसाव की स्थिति करीब आधे घंटे तक बनी रही। सूचना मिलने के बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। दमकल कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
गैस आपूर्ति बंद किए जाने के बाद आग की स्थिति नियंत्रित हो सकी। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। आग बुझने के बाद भी काफी देर तक लोग घटनास्थल के आसपास जमा रहे और हादसे के कारणों को लेकर चर्चा करते रहे।
एक ही परिवार के तीन लोग झुलसे
हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों के झुलसने की जानकारी सामने आई है। आग की चपेट में आने के बाद तीनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद परिवार में भी चिंता का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। हादसे के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
चैंबर पर ढक्कन नहीं होने का आरोप
स्थानीय लोगों ने पीएनजी लाइन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि जिस चैंबर से गैस लाइन गुजर रही थी, उस पर ढक्कन नहीं लगा हुआ था। लोगों के अनुसार चैंबर खुला होने के कारण वहां गैस लाइन की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही थी।
स्थानीय निवासियों ने पीएनजी लाइन का काम करने वाले ठेकेदार पर भी कथित लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि गैस चैंबर को सही तरीके से बंद किया गया होता और लाइन की सुरक्षा व्यवस्था मानकों के अनुरूप होती तो हादसे की आशंका कम हो सकती थी।
हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। चैंबर की स्थिति, गैस लाइन की फिटिंग और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी जांच के बाद ही हादसे के कारणों की सही जानकारी सामने आएगी।
बड़ा हादसा टलने से लोगों ने ली राहत की सांस
आग की ऊंची लपटों और गैस रिसाव के कारण कुछ समय के लिए कॉलोनी में भय का माहौल रहा। लोगों को आशंका थी कि आग आसपास के मकानों तक पहुंच सकती है। यदि गैस आपूर्ति समय रहते बंद नहीं की जाती तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका थी।
दमकल कर्मियों की कार्रवाई और गैस आपूर्ति बंद होने के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर गैस लाइन और चैंबर मौजूद है, उसके आसपास आबादी होने के कारण सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाने चाहिए।
पीएनजी लाइन की सुरक्षा जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और गैस कंपनी से पूरे क्षेत्र में पीएनजी लाइन की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल हादसे के बाद आग बुझा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि गैस लाइन में आग लगने की वजह क्या रही और भविष्य में ऐसी घटना को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि कॉलोनी और आसपास लगे सभी गैस चैंबरों का निरीक्षण कराया जाए। जहां चैंबर खुले या क्षतिग्रस्त हैं, वहां तत्काल ढक्कन लगाए जाएं। साथ ही गैस पाइपलाइन के जोड़, वाल्व, फिटिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जाए।
ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद पीएनजी लाइन का काम करने वाले ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि चैंबर खुला था तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी थी। लोगों ने मांग की है कि संबंधित कंपनी और ठेकेदार से काम के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों के बारे में जानकारी ली जाए।
लोगों का कहना है कि गैस जैसी ज्वलनशील सामग्री से जुड़ी पाइपलाइन के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इसलिए पाइपलाइन बिछाने से लेकर उसके रखरखाव और चैंबर की सुरक्षा तक सभी स्तरों पर निर्धारित मानकों का पालन होना जरूरी है।
लोगों ने कहा- सुरक्षा से नहीं हो खिलवाड़
कॉलोनीवासियों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र में पीएनजी लाइन होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। गैस रिसाव अथवा आग की छोटी घटना भी देखते ही देखते बड़े हादसे में बदल सकती है।
लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि घटना की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही कॉलोनी में पीएनजी लाइन से जुड़े सभी चैंबर और पाइपलाइन की सुरक्षा ऑडिट कराए जाने की मांग की गई है।
फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और गैस आपूर्ति बंद होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। हादसे में झुलसे तीनों लोगों का उपचार कराया जा रहा है। घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन हादसे ने रिहायशी इलाकों में पीएनजी पाइपलाइन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

