मथुरा,08 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। मांट ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला कुसमा में कार्यरत महिला कंप्यूटर प्रशिक्षक ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर अभद्र व्यवहार और कथित रूप से गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर महिला प्रशिक्षक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता महिला प्रशिक्षक के अनुसार, विद्यालय में कार्य करने के दौरान प्रधानाध्यापक द्वारा आए दिन कथित तौर पर बिना किसी कारण अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। उनका आरोप है कि बातचीत के दौरान भी सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता और कई बार ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
महिला प्रशिक्षक ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि 3 सितंबर को विद्यालय में मौजूद रहने के दौरान भी प्रधानाध्यापक ने उनके साथ कथित रूप से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। घटना के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गईं। उन्होंने अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय में कार्यरत अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों से भी घटनाक्रम के संबंध में जानकारी लेने की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कराने की मांग
शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस समय कथित घटना हुई, उस दौरान विद्यालय में अन्य शिक्षक और कर्मचारी भी मौजूद थे। महिला प्रशिक्षक ने दावा किया है कि संबंधित कर्मचारी घटनाक्रम के बारे में जानकारी रखते हैं और उनके बयान से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि विद्यालय में मौजूद रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा सभी पक्षों को सुनकर निष्पक्ष जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि शिकायत की जांच सही तरीके से कराई जाती है तो घटना से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
मानसिक परेशानी का लगाया आरोप
महिला प्रशिक्षक ने शिकायत में बताया कि कथित अभद्र व्यवहार की घटना के बाद उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि विद्यालय में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से विद्यालय के कार्यस्थल के वातावरण की भी जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ व्यवहार में भी अपेक्षित मर्यादा का पालन नहीं किया जाता। हालांकि, इन सभी आरोपों की वास्तविकता विभागीय जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
मामला फिलहाल शिक्षा विभाग के संज्ञान में है। शिकायत मिलने के बाद विभाग की ओर से मामले की जांच कराए जाने की स्थिति में संबंधित महिला प्रशिक्षक, प्रधानाध्यापक तथा विद्यालय में मौजूद अन्य शिक्षक और कर्मचारियों के बयान लिए जा सकते हैं। जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की सत्यता निर्धारित होगी।
विभागीय स्तर पर जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो उस स्थिति में भी विभाग द्वारा तथ्य स्पष्ट किए जा सकते हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
महिला कंप्यूटर प्रशिक्षक ने बीएसए से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक प्रकरण को गंभीरता से लिए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच बेहतर कार्य वातावरण बनाए रखना विभाग की जिम्मेदारी है।
फिलहाल शिकायत के बाद सभी की निगाह शिक्षा विभाग की जांच पर है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है। प्रधानाध्यापक का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

