मथुरा, 17 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। जिम ज्वाइन करने वाले युवाओं से लेकर हर वर्ग प्रोटीन के लिए पनीर का इस्तेमाल करते है। वहीं शादी, जन्मदिवस, शादी की वर्षगांठ से लेकर अनेक कार्यक्रमों में पनीर के बिना सब कुछ फीका रहता है। शहर में बड़ी संख्या में डेयरियों पर पनीर का उत्पादन एवं बिक्री की जा रही है, लेकिन शुद्ध पनीर की आड़ में बिक रहा नकली पनीर सेहत के लिए हानिकारक है। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध, मावा, पनीर, घी रिफाइंड, तेल मसालों समेत विभिन्न खाद्य वस्तुओं में मिलावट का खेल चल रहा है। खासतौर पर दूध व मावे के बाद पनीर भी बड़ी मात्रा में बिकता है।

*पनीर की ऐसे करें पहचान*
पनीर को पानी में उबालें और ठंडा होने पर आयोडीन टिंचर की कुछ बूंदें डालें। यदि पनीर नीले रंग का होता है तो समझो की इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मिलावटी घी व मावा की पहचान भी आयोडीन टिंचर से ही हो जाएगी। टिंचर से अगर घी नीले व मावे काले रंग का हो जाए तो मिलावट है।
मथुरा-ब्यूरो चीफ, (अजय वीर सिंह)।




