मथुरा,02 मई 2026 (यूटीएन)। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 करीब मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमें से 500 के करीब मरीज अल्ट्रासाउंड और ब्लड की जांच के लिए पहुंच रहे हैं। उपलब्ध सामग्री के अनुसार केवल करीब 50 गरीबों का ही एक दिन में अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। ऐसे में ज्यादातर बल्लेबाजों को लंबी वेटिंग लेने के लिए कई दिन बाद की तारीख दी जा रही है। इस समस्या के इलाज में देरी हो रही है और उनकी चिंता हल्दी जा रही है। सदर निवासी गोपाल यादव ने बताया कि समय-समय पर जांच न होने के कारण उन्हें निजी जांच केंद्र पर जबरन भेजा गया। शुक्रवार को पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे धौली प्याऊ निवासी राकेश गुर्जर ने बताया कि डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए फाउंडेशन पर लिखा था, जब उसे पता चला तो यहां उन्हें पांच दिन बाद आने के लिए कहा है।
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को लेकर पांच दिन तक का इंतजार किया जा रहा है। जांच की सीमित क्षमता और जनसंख्या की भारी संख्या के कारण व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हुई है। जिले के अस्पताल में प्रतिदिन 50 प्रतिशत अल्ट्रासाउंड ही हो जाते हैं। इसके कारण उन्हें अल्ट्रासाउंड के बाहर जाना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि भीड़भाड़ और सीमित औद्योगिक उत्पादन की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थिति में सुधार के लिए उच्च स्तर पर अतिरिक्त मशीन और स्टाफ की मांग की गई है।
मथुरा- ब्यूरो चीफ, (समीर सेन)।




