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योगी के आगे सब फेल 10 हजार से ज्यादा एनकाउंटर, सौ से ज्यादा बदमाश ढेर

अपराधियों पर लगाम लगाने के बुलडोजर एक्शन को लोगों ने पसंद किया

नई दिल्ली, 18 मार्च  2023 (यूटीएन)। यूपी में योगी सरकार ने साढ़े तीन दशक के बाद लगातार दूसरा चुनाव जीत कर वापसी करने में सफल रही। इसका एक बड़ा कारण कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कड़े एक्शन रहे। अपराधियों पर लगाम लगाने के बुलडोजर एक्शन को लोगों ने पसंद किया। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने यूपी चुनाव 2022 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर वापसी करने में सफल रही। इसे एक बड़ी घटना और राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा गया। अमूमन सरकारों को पलट देने के लिए चर्चित रहे यूपी के मतदाताओं को आखिर कौन-सी बात योगी सरकार में पसंद आई? इसको लेकर दावे तो कई हैं, लेकिन एक बड़ा मुद्दा सुरक्षा और कानून व्यवस्था का है। योगी सरकार के बुलडोजर मॉडल की तारीफ खूब हुई है।
यूपी चुनाव में बुलडोजर बाबा के रूप में विख्यात हुए सीएम योगी आदित्यनाथ को यूपी की जनता का समर्थन मिला और सरकार बनी। लेकिन, प्रयागराज में उमेश पाल की सरेआम हत्या ने योगी सरकार की इसी उपलब्धि पर सवाल खड़ा किया है। ऐसे में योगी सरकार की पिछले 6 सालों की सरकार में अपराधियों पर हुई कार्रवाई का एक आंकड़ा सामने आया है। चर्चा इस पर भी शुरू हो गई है। मार्च 2017 में सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार ने कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए कड़े एक्शन का फरमान जारी किया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इन छह सालों में 10,814 एनकाउंटर किए। इसमें 179 अपराधियों को मार गिराया है।
*मेरठ में मारे गए सबसे अधिक अपराधी*
योगी सरकार के पिछले 6 सालों में उत्तर प्रदेश में अपराधियों के साथ 10 हजार से अधिक एनकाउंटर और 179 अपराधियों के एनकाउंटर में मौत के जरिए सरकार अपनी सख्त नीति को सामने ला रही है। एनकाउंटर में मारे गए अपराधी लिस्टेड थे। पुलिस की ओर से दावा किया जा रहा है कि उन्हें जवाबी कार्रवाई में मार गिराया गया। मारे गए अपराधियों में से अधिकतर की गिरफ्तारी पर 75 हजार रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक का नकद इनाम था। एनकाउंटर में मेरठ क्षेत्र में 63 अपराधी मारे गए हैं।
मेरठ जोन 2017 के बाद से सबसे अधिक 3,152 एनकाउंटर हुए हैं। यहां 1708 अपराधी घायल भी हुए। वहीं, वाराणसी 20 एनकाउंटर मौत के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद आगरा में 14 एनकाउंटर मौत हुई है। पिछले 6 सालों के दौरान 4947 अपराधी एनकाउंटर के दौरान घायल हुए हैं। प्रदेश में एनकाउंटर की संख्या के मामले में मेरठ 2017 के बाद से सबसे अधिक 3152 मुठभेड़ों के साथ टॉप पर है. यहां एनकाउंटर में 63 अपराधी मारे गए और 1708 अपराधी घायल हुए.
*मेरठ के बाद दूसरे नंबर पर आगरा*
पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक जांबाज पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया, जबकि 401 पुलिसकर्मी घायल हो गए. यूपी पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुल 5,967 अपराधियों को पकड़ा गया. सराकर की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि यूपी पुलिस ने 2017 के बाद से 10713 एनकाउंटर किए. इनमें से सबसे अधिक 3152 मेरठ पुलिस की ओर से हुए.
आगरा पुलिस ने 1844 मुठभेड़ों को अंजाम दिया, जिसमें 4654 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 14 खूंखार अपराधी मारे गए और 55 पुलिस वाले घायल हुए. इसके बाद बरेली में 1497 एनकाउंटर हुए. यहां 3410 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 7 की मौत हो गई. बरेली में मुठभेड़ के दौरान 437 अपराधी घायल हुए. इन अभियानों में 296 बहादुर पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि 1 शहीद हो गया.वहीं, एनकाउंटर मौत के मामले में वाराणसी 20 एनकाउंटर मौत के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद आगरा में 14 एनकाउंटर मौत हुई है। पिछले 6 सालों के दौरान 4947 अपराधी एनकाउंटर के दौरान घायल हुए हैं।
*पुलिस के 13 अधिकारियों की भी मौत*
एनकाउंटर में केवल अपराधियों को ही नुकसान नहीं हुआ है। पुलिसकर्मियों को भी इसका असर झेलना पड़ा है। यूपी पुलिस ने 20 मार्च 2017 से 6 मार्च 2023 के बीच हुई एनकाउंटरों में 23,069 बदमाशों को गिरफ्तार किया। इन एनकाउंटरों में 4911 अपराधी घायल हुए। इन झड़पों में 13 पुलिस अधिकारी भी मारे गए हैं। वहीं, 1424 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। कुल मिलाकर पुलिस ने इन एनकाउंटरों के जरिए 23,125 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
*मारे गए अपराधियों में दो 5 लाख के इनामी*
पुलिस के एनकाउंटर में मारे गए अपराधियों में पांच लाख रुपए के नकद इनाम वाले दो अपराधी शामिल हैं। इनके अलावा ढाई लाख रुपए के इनामी चार, दो लाख रुपए के दो, डेढ़ लाख रुपए के छह और एक लाख रुपए नकद इनाम वाले 27 अपराधियों की एनकाउंटर में मौत हुई। इसके साथ ही कई अन्य पर 75 हजार रुपए का इनाम था, जिन्हें पुलिस की गोली का सामना करना पड़ा। योगी सरकार ने कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार को प्राथमिकता दी। सरकार ने माफिया और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई और राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसे तत्वों पर कार्रवाई तेज की।
*सीएम योगी अपराधियों के लिए शुरू से सख्त*
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले छह साल में राज्य में 10 हजार से ज्यादा अपराधियों के एनकाउंटर हुए हैं. सरकार ने बताया कि योगी आदित्यनाथ ने क्राइम कंट्रोल के लिए शुरू से ही सख्त रुख अपना रखा है. उनकी इस मामले में जीरो टॉलरेंस नीति कारगर हो रही है. उल्लेखनीय है कि जीआईएस-23 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत दिग्गज नेताओं और निवेशकों ने यूपी की कानून व्यवस्था की तारीफ की थी.
*उमेश पाल हत्याकांड ने खड़े किए सवाल*
प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में दो आरोपियों के पिछले दो सप्ताह में पुलिस एनकाउंटरों में मारे गए हैं। इन मामलों के बाद से यूपी में पुलिस एनकाउंटरों का मुद्दा एक बार फिर गरमाया है। उमेश पाल मर्डर केस में पांच मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। उन पर इनाम दोगुना कर 5 लाख रुपए कर दिया गया है। सपा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव रामगोपाल यादव और कुछ अन्य विपक्षी नेताओं ने हालिया एनकाउंटर मौतों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि असली दोषियों को पकड़ने में नाकाम पुलिस ऊपरी दबाव में जिसे पकड़ रही है, उसे मार रही है।
हालांकि, एनकाउंटर के मसले पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का कहना है कि ऐसा नहीं है कि राज्य में एनकाउंटर की पॉलिसी है। सरकार क्राइम पॉलिसी के तहत जीरो टॉलरेंस को लेकर सख्त है। इसके अलावा एनकाउंटर के किसी भी मामले में हमें सुप्रीम कोर्ट, मानवाधिकार आयोग या ऐसे अन्य निकायों ने प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है। उमेश पाल केस पर उन्होंने कहा कि एसटीएफ काम कर रही है। अपराधी जल्द गिरफ्त में होंगे।
विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन) |

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