बागपत, 20 अगस्त 2026 (यूटीएन)। विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन बड़ौत विधानसभा क्षेत्र में इंजीनियर रामवीर सिंह का ग्रामीण संवाद अभियान लगातार जारी है। ‘गांव की बात-चौ. रामवीर के साथ’ अभियान के तहत वे लगातार क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों, बुजुर्गों, युवाओं और प्रबुद्धजनों से सीधा संवाद कर रहे हैं। इस दौरान गांवों की स्थानीय समस्याओं, विकास की जरूरतों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
इंजीनियर रामवीर सिंह की लगातार गांवों में सक्रियता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक अपनी राजनीतिक दिशा को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। न तो उन्होंने यह बताया है कि भविष्य में वे किस राजनीतिक दल के साथ जाएंगे और न ही यह स्पष्ट किया है कि वे विधानसभा चुनाव में किसी दल के टिकट पर अथवा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
रामवीर सिंह का कहना है कि फिलहाल उनका उद्देश्य राजनीतिक घोषणा करना नहीं, बल्कि गांवों तक पहुंचना और ग्रामीणों की समस्याओं को समझना है। उनका कहना है कि हर सामाजिक अभियान को चुनावी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए और न ही प्रत्येक जनसंपर्क कार्यक्रम के पीछे चुनावी उद्देश्य होना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति उनके अभियान में चुनावी गतिविधि की संभावना देखता है तो यह उसकी अपनी सोच हो सकती है।
उन्होंने कहा कि गांवों में रहने वाले लोगों की समस्याएं जानना और उनके बीच बैठकर बातचीत करना अपने आप में महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति कागजों और कार्यालयों से अधिक बेहतर तरीके से गांव की चौपाल पर समझी जा सकती है। यही कारण है कि वे लगातार ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी बात सुनने और सुझाव लेने का प्रयास कर रहे हैं।
सुल्तानपुर हटाना में ग्रामीणों से सीधा संवाद
इसी अभियान के तहत इंजीनियर रामवीर सिंह गांव सुल्तानपुर हटाना पहुंचे। यहां उन्होंने गांव के सम्मानित प्रबुद्धजनों, बुजुर्गों और ऊर्जावान युवाओं के साथ बैठकर सीधा संवाद किया। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव और क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उनके सामने रखा।
चौपाल में ग्रामीण विकास, खेल सुविधाएं, रोजगार, युवाओं के बेहतर भविष्य, शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। युवाओं ने अपने भविष्य को लेकर विभिन्न सुझाव रखे, वहीं बुजुर्गों और ग्रामीणों ने गांव के विकास से संबंधित अपनी प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं को साझा किया।
रामवीर सिंह ने ग्रामीणों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि गांवों की वास्तविक जरूरतों को समझना किसी भी विकास की पहली सीढ़ी है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को खुलकर सामने रखें, ताकि उन्हें व्यवस्थित तरीके से समझा और संबंधित स्तर तक पहुंचाया जा सके।
बुजुर्गों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान इंजीनियर रामवीर सिंह ने गांव के वरिष्ठ नागरिक सोहनवीर और ओमपाल को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने बुजुर्गों से मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण समाज में बुजुर्ग अनुभव और परंपरा के महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं। उनके अनुभव से नई पीढ़ी को सीख मिलती है और गांव की सामाजिक व्यवस्था मजबूत होती है।
बुजुर्गों ने भी रामवीर सिंह को ग्रामीणों के बीच लगातार संवाद करने तथा गांवों की समस्याओं को समझने के प्रयास के लिए शुभकामनाएं दीं।
युवाओं के भविष्य पर विशेष जोर
चौपाल में युवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। युवाओं ने रोजगार के अवसर बढ़ाने, खेल सुविधाओं को बेहतर करने और शिक्षा एवं कौशल विकास से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। रामवीर सिंह ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी से जुड़ा होता है। यदि युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार, खेल और स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध हों तो ग्रामीण क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर और बेहतर मंच उपलब्ध कराने की है। खेल प्रतिभाओं को संसाधन और सुविधाएं मिलें तो वे जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन कर सकते हैं।
समस्याओं और सुझावों का तैयार किया जा रहा रिकॉर्ड
अभियान की एक खास बात यह है कि ग्रामीण संवाद के दौरान केवल औपचारिक मुलाकात तक कार्यक्रम को सीमित नहीं रखा जा रहा। ग्रामीणों द्वारा रखी जाने वाली समस्याओं, सुझावों और विकास संबंधी मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जा रहा है।
बताया गया कि संवाद कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों का परिचय भी नोट किया जाता है। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों और सुझावों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके लिए अलग से टीम भी तैयार की गई है, जो संबंधित मामलों की जानकारी जुटाने और आगे की कार्रवाई की स्थिति से लोगों को अवगत कराने का काम करेगी।
रामवीर सिंह के अनुसार, केवल समस्या सुन लेना पर्याप्त नहीं है। जरूरी यह है कि समस्या की वास्तविक स्थिति को समझा जाए और उसके समाधान की दिशा में क्या प्रयास किए जा सकते हैं, इसकी जानकारी भी लोगों तक पहुंचे। इसी सोच के तहत संवाद के दौरान सामने आने वाले मुद्दों को व्यवस्थित तरीके से संकलित किया जा रहा है।
चुनाव को लेकर अभी भी स्पष्ट घोषणा नहीं
इंजीनियर रामवीर सिंह की गांवों में लगातार बढ़ती सक्रियता के बीच राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हैं। समर्थक और ग्रामीण भी उनकी राजनीतिक दिशा को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। हालांकि रामवीर सिंह ने अभी तक किसी राजनीतिक दल से जुड़ने या आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
उनका कहना है कि फिलहाल वे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने इस अभियान को जनसंवाद और ग्रामीण समस्याओं से जुड़ा प्रयास बताया है।
उनके अनुसार, किसी भी मुहिम को केवल चुनाव से जोड़कर देखना उचित नहीं है। यदि कोई सामाजिक या जनसरोकार का कार्यक्रम चुनावी नजरिए से देखा जाता है तो इसमें अभियान चलाने वाले की बजाय देखने वाले की सोच अधिक महत्वपूर्ण होती है।
ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत से अभिभूत
सुल्तानपुर हटाना पहुंचने पर ग्रामीण परिवारों की ओर से किए गए आत्मीय स्वागत और मिले स्नेह को लेकर रामवीर सिंह ने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों द्वारा जिस तरह अपनापन और विश्वास दिखाया जा रहा है, वह उनके लिए उत्साह बढ़ाने वाला है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के बीच बैठकर सीधे बातचीत करने से उन्हें क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों को समझने का अवसर मिल रहा है। चौपाल में सामने आने वाली समस्याएं और सुझाव भविष्य की दिशा तय करने में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा रहे मौजूद
कार्यक्रम में भीम प्रधान, सुबेदार विजय, राजफूल प्रधान, ओमवीर कश्यप, अजीत कश्यप, राहुल, धर्मवीर, अर्जुन कुमार, राजू कश्यप एवं पारस सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने गांव के विकास, युवाओं के रोजगार, खेल सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने भी संवाद को उपयोगी बताते हुए कहा कि गांव की समस्याओं पर सीधे बातचीत होने से उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिलता है।
फिलहाल इंजीनियर रामवीर सिंह की ‘गांव की बात-चौ. रामवीर के साथ’ मुहिम लगातार जारी है। विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय बाकी है, लेकिन उनके लगातार ग्रामीण दौरों ने क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को जरूर गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह अभियान किस दिशा में आगे बढ़ता है और रामवीर सिंह अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर कब कोई स्पष्ट निर्णय सामने रखते हैं।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।


