बागपत , 31 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। जनपद में वाहन चोरी की लगातार हो रही घटनाओं पर कार्रवाई करते हुए बड़ौत कोतवाली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की गई 22 मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की गई हैं। बरामद वाहनों के संबंध में पुलिस का कहना है कि ये बागपत, दिल्ली और अन्य राज्यों से चोरी किए गए थे। इतनी बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों की बरामदगी को पुलिस की महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में वाहन चोरी के कई मामलों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि गिरोह का कथित मास्टरमाइंड संदीप है। पूछताछ में सामने आया कि चोरी की गई मोटरसाइकिल और स्कूटी को कम कीमत पर बेच दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक, चोरी के वाहनों को लगभग 10 से 15 हजार रुपये में बेचे जाने की बात आरोपियों ने बताई है।
चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े पांच आरोपी
पुलिस अधीक्षक पूर्णेंदु सिंह के निर्देशन में जनपद में अपराधों की रोकथाम, वाहन चोरों और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना बड़ौत पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कथित अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर कुल 22 दोपहिया वाहन बरामद किए। इनमें मोटरसाइकिल और स्कूटी शामिल हैं। बरामद वाहनों की पहचान और उनके चोरी से संबंधित मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने किन-किन स्थानों से वाहन चोरी किए और चोरी के बाद उन्हें कहां-कहां बेचा जाता था।
गैंग लीडर संदीप समेत पांच की गिरफ्तारी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संदीप पुत्र सतवीर निवासी बूढ़पुर, थाना रमाला; आसिफ पुत्र अब्बास निवासी मोहल्ला कस्बा, थाना कैराना, जनपद शामली; देव पुत्र जगपाल निवासी आजाद नगर, कस्बा व थाना बड़ौत; नूर मियां उर्फ भूरा पुत्र नौशाद निवासी ग्राम टांडा, थाना छपरौली तथा फरमान पुत्र शब्बीर निवासी कस्बा व थाना कैराना, जनपद शामली के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी बागपत के अलावा दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी दोपहिया वाहनों की चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह की गतिविधियों और चोरी के वाहनों को बेचने के तरीके के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस अब बरामद वाहनों के मालिकों और संबंधित मुकदमों का मिलान कर रही है।
10 से 15 हजार रुपये में बेचते थे चोरी के वाहन
अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि चोरी की गई मोटरसाइकिलों और स्कूटी को गिरोह के सदस्य महज 10 से 15 हजार रुपये में बेच देते थे। कम कीमत पर वाहन बेचकर गिरोह जल्दी पैसा कमाने का प्रयास करता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चोरी के वाहन किन लोगों को बेचे गए और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरोह की गतिविधियां केवल बागपत तक सीमित नहीं थीं, बल्कि दिल्ली और आसपास के राज्यों तक फैली हुई थीं। ऐसे में पुलिस बरामद वाहनों के आधार पर दूसरे जनपदों और राज्यों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों की भी जानकारी जुटा सकती है।
अन्य वारदातों के खुलासे की भी उम्मीद
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से अभी पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान वाहन चोरी की अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने वाहन चोरी किए, किन स्थानों को अपना निशाना बनाया और चोरी के वाहनों को ठिकाने लगाने में किस-किस की भूमिका रही।
गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में थाना बड़ौत पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। 22 दोपहिया वाहनों की बरामदगी से वाहन चोरी के कई मामलों की कड़ियां जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

