Breaking News
लो जी! उज्ज्वल गोत्र के ग्रामीणों ने दीपावली से 15 दिन पहले ही कर ली गोवर्धन पूजा   | तांगा स्टैंड की सत्ती भूमि पर फिर उभरा विवाद, सार्वजनिक भवन का निर्माण रुकवाया   | सारथी वेलफेयर फाउंडेशन का रक्तदान अभियान, 15 रक्तवीरों ने किया महादान; वंदना गुप्ता ने भी किया रक्तदान   | गांगनौली में ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड से आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के संकल्प को मिली नई ऊर्जा   | समाजसेवा के क्षेत्र में समीर अहमद को डॉक्टरेट की मानद उपाधि, निस्वार्थ सेवकों की मिसाल हैं समीर: डॉ. योगेश कौशिक   | बड़ौत में समरसता सम्मेलन में जुटे सपा के वरिष्ठ व दिग्गज नेता, स्थानीय प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी रही चर्चा का विषय   | महर्षि वाल्मीकि प्राकट्य दिवस पर ढिकाना में भव्य कार्यक्रम, उनके सिद्धांत और आदर्श आज भी प्रासंगिक: पं. सचिन शर्मा   | खेकड़ा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी शाखा की ओर से भव्य दीपावली महोत्सव का आगाज, नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की मनमोहक प्रस्तुति ने मोहा मन   | राजसी अंदाज में 149 जोड़ों का विवाह,शहनाइयों व खुशियों से गूंज उठा शहर बेटियों ने लिए सात फेरे, योगी सरकार का जताया आभार   | प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति ने दिखाई नारी शक्ति पर भरोसे की मिसाल, महिलाओं की नई टीम का ऐलान   |
मल्टी डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता के क्षेत्र में तुरंत आवश्यकता है देश एवं प्रदेश के सभी जगह से अनुभव गैर अनुभवी पुरुष एवं महिलाएं, देश एवं प्रदेश के सभी जिला एवं राज्य में युवक / महिलाएं संपर्क करें मल्टीमीडिया उज्जवल टाइम्स न्यूज़ में जोड़ने के लिए आपको मिल रहा है सुनहरा मौकाआप हमें अपने समाचार एवं विज्ञापन, कविता, लेख प्रकाशित करने के लिए संपर्क कर सकते हैं . E-mail- ujjwaltimesnewsnetwork@gmail.com

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की भेंट

1792929837_1.jpg


नई दिल्ली, 25 अक्टूबर  2026  (यूटीएन)। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रस्तावित देशभर की महिला विधायकों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर देवनानी ने राष्ट्रपति को राजस्थान विधानसभा के आधिकारिक प्रतीक चिह्न (लोगो) की प्रतिकृति भी भेंट की। भेंट के दौरान राजस्थान विधानसभा की गौरवशाली संसदीय यात्रा, अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों, विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी और विधानसभा की ओर से किए गए विभिन्न नवाचारों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने का अवसर राज्य की लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय कार्यप्रणाली और विधायी संस्थाओं के विकास की यात्रा को स्मरण करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों पर विचार करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसी दृष्टिकोण के साथ विधानसभा ने अमृत महोत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। प्रस्तावित महिला विधायक सम्मेलन इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करना और विधायी संस्थाओं में उनकी प्रभावी भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी गरिमामयी उपस्थिति आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करेगी। साथ ही, देश के विभिन्न राज्यों से आने वाली महिला विधायकों को प्रेरणा मिलेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं के नेतृत्व को और अधिक सशक्त बनाने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।

महिला नेतृत्व और लोकतांत्रिक भागीदारी को मिलेगा प्रोत्साहन

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रपति से भेंट के दौरान कहा कि देशभर की महिला विधायकों का सम्मेलन विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भूमिका, उनकी भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति सम्मेलन की गरिमा बढ़ाने के साथ-साथ महिला जनप्रतिनिधियों के उत्साह और आत्मविश्वास को भी प्रोत्साहित करेगी।

लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनावों और प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सभी वर्गों की प्रभावी भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी से सार्वजनिक नीति, सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और समान अवसर जैसे मुद्दों पर व्यापक विमर्श को बल मिलता है। महिला जनप्रतिनिधियों के अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है।

इसी उद्देश्य से प्रस्तावित सम्मेलन में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में महिलाओं के योगदान, विधायी संस्थाओं में उनकी प्रभावी भूमिका और नेतृत्व को प्रोत्साहित करने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न राज्यों की महिला विधायकों को अपने अनुभव साझा करने और विधायी कार्यप्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिलने की अपेक्षा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महिला सशक्तीकरण संबंधी पहलों से प्रेरणा लेते हुए राजस्थान विधानसभा ने इस सम्मेलन की परिकल्पना की है। इसका व्यापक उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित न रखकर विधायी विमर्श, निर्णय प्रक्रिया और लोकतांत्रिक नेतृत्व में उनकी प्रभावी भूमिका को प्रोत्साहित करना है।

75 वर्षों की संसदीय यात्रा का उत्सव

राजस्थान विधानसभा के गठन से लेकर अब तक की यात्रा राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था के विकास, विधायी परंपराओं और जनप्रतिनिधियों की भूमिका से जुड़ी रही है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को इस 75 वर्षीय यात्रा और अमृत महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर 15 जुलाई 2026 को ‘पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों का विधायी गौरव यात्रा समागम’ आयोजित किया गया था। विधानसभा के इतिहास में पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाग लिया तथा समारोह को संबोधित किया।

इस आयोजन का उद्देश्य राजस्थान विधानसभा की संसदीय परंपराओं से जुड़े पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों को एक मंच पर लाना और विधायी संस्थाओं के विकास में उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करना था। ऐसे आयोजन लोकतांत्रिक संस्थाओं की निरंतरता और उनके ऐतिहासिक अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं।

विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने का अवसर अतीत की उपलब्धियों का स्मरण करने के साथ-साथ संसदीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करता है। इस संदर्भ में महिला विधायक सम्मेलन को अमृत महोत्सव की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में राजस्थान विधानसभा की पहल

महिलाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी और नेतृत्व को प्रोत्साहित करना समावेशी शासन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विधायी संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भूमिका से विभिन्न सामाजिक अनुभवों और आवश्यकताओं को नीति निर्माण तथा सार्वजनिक विमर्श में स्थान मिलता है।

राजस्थान विधानसभा द्वारा प्रस्तावित महिला विधायक सम्मेलन का उद्देश्य इसी भागीदारी को आगे बढ़ाना है। सम्मेलन में देशभर से आने वाली महिला विधायकों के अनुभवों, विचारों और विधायी कार्यों से संबंधित विषयों पर चर्चा किए जाने की योजना है। इस प्रकार का मंच महिला जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद, सहयोग और विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित कर सकता है।

महिला सशक्तीकरण का व्यापक अर्थ महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी स्थान उपलब्ध कराना, उनके नेतृत्व को स्वीकार करना और उनकी भागीदारी के लिए अनुकूल परिस्थितियां विकसित करना है। निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को विधायी चर्चाओं, नीतिगत विमर्श और लोकतांत्रिक संस्थाओं के संचालन में पर्याप्त अवसर मिलना इस दिशा में महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के लिए आमंत्रित करना इसी उद्देश्य से जुड़ी पहल है। देवनानी ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति का मार्गदर्शन महिला विधायकों को प्रेरित करेगा और विधायी संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को आगे बढ़ाने के प्रयासों को प्रोत्साहन देगा।

राजस्थान विधानसभा के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी साझा की

राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राजस्थान विधानसभा के ऐतिहासिक महत्व और पिछले दो वर्षों में किए गए नवाचारों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने राजस्थान विधानसभा के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वेंकटरमण ने किया था।

उन्होंने यह भी बताया कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी राजस्थान विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। इन ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विधानसभा की संसदीय विरासत और देश के लोकतांत्रिक इतिहास में उसके महत्व को रेखांकित किया।

विधानसभाएं लोकतंत्र की महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं, जहां जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है, विधेयकों पर विचार किया जाता है और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने में जनप्रतिनिधि अपनी भूमिका निभाते हैं। इन संस्थाओं की ऐतिहासिक यात्रा को संरक्षित रखना और उनकी उपलब्धियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष का अमृत महोत्सव इसी परंपरा को सम्मान देने का अवसर है। इस दौरान आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विधानसभा के इतिहास, उसके योगदान और भविष्य की संभावनाओं को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

राष्ट्रपति मुर्मु के 2023 के संबोधन को किया याद

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 14 जुलाई 2023 को राजस्थान विधानसभा में दिए गए संबोधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के प्रेरणादायी विचार विधानसभा की सामूहिक स्मृति में अंकित हैं और उनके संदेश निरंतर प्रेरणा प्रदान करते हैं।

किसी संवैधानिक पदाधिकारी का विधायी संस्था को संबोधित करना संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक होता है। ऐसे अवसर जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारियों, संवैधानिक दायित्वों और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता पर विचार करने का अवसर देते हैं।

देवनानी ने राष्ट्रपति के पूर्व संबोधन को स्मरण करते हुए राजस्थान विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। राष्ट्रपति से वर्तमान भेंट के दौरान इस संदर्भ को साझा करना विधानसभा की संस्थागत स्मृति और उसके ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण पहलू रहा।

राजस्थान विधानसभा का आधिकारिक प्रतीक चिह्न भेंट किया

शिष्टाचार भेंट के दौरान वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को राजस्थान विधानसभा के आधिकारिक प्रतीक चिह्न की प्रतिकृति भेंट की। यह प्रतीक चिह्न विधानसभा की पहचान, राज्य की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय मूल्यों और विधायी संस्थाओं की भूमिका को प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत करता है।

देवनानी ने राष्ट्रपति को बताया कि राजस्थान विधानसभा के गठन के बाद पहली बार विधानसभा के सभी द्वारों के नामकरण के साथ उसका आधिकारिक प्रतीक चिह्न भी जारी किया गया है। इस पहल को विधानसभा की संस्थागत पहचान को सुदृढ़ करने और उसकी ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक विरासत को एक विशिष्ट स्वरूप में प्रस्तुत करने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है।

प्रतीक चिह्न में शामिल विभिन्न तत्व राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान, राष्ट्रीय एकता और प्राकृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसमें अशोक स्तंभ, राष्ट्रीय ध्वज, विधानसभा भवन, राज्य पशु ऊंट, राज्य पक्षी गोडावण, राज्य वृक्ष खेजड़ी और धान की बाली को स्थान दिया गया है।

प्रतीक चिह्न में संस्कृत ध्येय वाक्य ‘राष्ट्राय धर्मनिष्ठा विधायिका’ भी शामिल है। यह ध्येय वाक्य विधायी संस्था के कार्य, राष्ट्रीय दायित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

प्रतीक चिह्न में राष्ट्रीय गौरव और राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान

राजस्थान विधानसभा के प्रतीक चिह्न में शामिल अशोक स्तंभ राष्ट्रीय आदर्शों और भारत की संवैधानिक परंपरा का प्रतीक है। राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय गौरव को अभिव्यक्त करता है, जबकि विधानसभा भवन लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनप्रतिनिधित्व की संस्थागत पहचान को सामने रखता है।

राज्य पशु ऊंट राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों, मरुस्थलीय जीवन और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा है। राज्य पक्षी गोडावण राज्य की विशिष्ट जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है। वहीं, राज्य वृक्ष खेजड़ी राजस्थान की पारिस्थितिकी, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय जीवन परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

प्रतीक चिह्न में धान की बाली को स्थान देना कृषि, ग्रामीण जीवन और आजीविका के महत्व को दर्शाता है। इन सभी तत्वों को एक साथ शामिल करके राजस्थान विधानसभा की पहचान को राष्ट्रीय मूल्यों, राज्य की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

विधानसभा के सभी द्वारों के नामकरण और आधिकारिक प्रतीक चिह्न जारी करने की पहल संस्थागत पहचान को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा और उसकी विशिष्ट पहचान को रेखांकित करने का अवसर मिलता है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में पहल

राजस्थान विधानसभा का अमृत महोत्सव केवल 75 वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के भविष्य और उनकी जिम्मेदारियों पर विचार करने का अवसर भी है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम विधानसभा की ऐतिहासिक विरासत, विधायी कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों के योगदान को सामने लाने के साथ-साथ नए विचारों और पहलों को प्रोत्साहित करने का माध्यम बन रहे हैं।

महिला विधायक सम्मेलन की प्रस्तावित पहल इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि यह विधायी संस्थाओं में महिलाओं के नेतृत्व और उनकी सक्रिय भागीदारी को केंद्र में रखती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्यापक प्रतिनिधित्व के साथ प्रभावी सहभागिता भी आवश्यक है। विभिन्न राज्यों की महिला विधायकों के बीच संवाद से उनके अनुभवों, चुनौतियों और विधायी कार्यों से संबंधित विचारों को साझा करने का अवसर मिल सकता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के पीछे भी सम्मेलन को विशेष गरिमा प्रदान करने और महिला जनप्रतिनिधियों को प्रेरित करने का उद्देश्य है। राष्ट्रपति का मार्गदर्शन संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों और महिलाओं की भूमिका से जुड़े विमर्श को महत्वपूर्ण संदर्भ प्रदान कर सकता है।

75 वर्षों की विरासत से भविष्य की दिशा तक

राजस्थान विधानसभा की 75 वर्ष की यात्रा राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय परंपराओं के विकास की कहानी है। इस अवधि में विधानसभा ने जनप्रतिनिधित्व, विधायी विमर्श और शासन व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी भूमिका निभाई है। अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम इस यात्रा को स्मरण करने और उसके अनुभवों से भविष्य के लिए प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करते हैं।

पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों का विधायी गौरव यात्रा समागम और प्रस्तावित महिला विधायक सम्मेलन इस आयोजन के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। पहला विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा तथा उससे जुड़े जनप्रतिनिधियों के योगदान को सम्मान देने पर केंद्रित है, जबकि दूसरा लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भूमिका और नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में आगे बढ़ता है।

इन पहलों के माध्यम से राजस्थान विधानसभा अपनी ऐतिहासिक पहचान को रेखांकित करने के साथ-साथ भविष्य की लोकतांत्रिक आवश्यकताओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। महिला प्रतिनिधित्व, संस्थागत पहचान और संसदीय परंपराओं का संरक्षण लोकतंत्र को अधिक सहभागी और प्रभावी बनाने की व्यापक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण अंग हैं।

राष्ट्रपति से भेंट के व्यापक मायने

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट राजस्थान विधानसभा के अमृत महोत्सव और प्रस्तावित महिला विधायक सम्मेलन के संदर्भ में महत्वपूर्ण रही। इस दौरान राष्ट्रपति को सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया और विधानसभा की 75 वर्षीय यात्रा से संबंधित जानकारी साझा की गई।

प्रतीक चिह्न की प्रतिकृति भेंट करना, विधानसभा के ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करना और महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की पहल से अवगत कराना इस मुलाकात के प्रमुख पक्ष रहे। देवनानी ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति से सम्मेलन की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और देशभर से आने वाली महिला विधायकों को प्रेरणा मिलेगी।

कुल मिलाकर, यह भेंट राजस्थान विधानसभा के अमृत महोत्सव को व्यापक लोकतांत्रिक संदर्भ में प्रस्तुत करती है। एक ओर विधानसभा अपनी 75 वर्षों की संसदीय विरासत का उत्सव मना रही है, वहीं दूसरी ओर महिला विधायकों के सम्मेलन के माध्यम से भविष्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी और नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में पहल कर रही है। ऐतिहासिक परंपराओं के संरक्षण, संस्थागत पहचान को मजबूत करने और समावेशी लोकतंत्र को बढ़ावा देने का यह प्रयास राजस्थान विधानसभा की इस महत्वपूर्ण वर्षगांठ को विशेष महत्व प्रदान करता है।

विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।







Breaking Update

🌐 Translate
🔔 हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें ×
📢 ताज़ा खबर WhatsApp पर पाएँ