खेकड़ा, 31 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शनिवार को कस्बे और आसपास के क्षेत्र में भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती उत्साह, श्रद्धा और देशभक्ति के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं खेकड़ा कोतवाली परिसर से पुलिसकर्मियों और स्कूली विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। रैली में शामिल बच्चों ने देशभक्ति के नारे लगाते हुए राष्ट्र की एकता और सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प लिया।
कोतवाली में सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर खेकड़ा कोतवाली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया गया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता का परिचय देते हुए देश को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया।
कोतवाली से रेलवे रोड तक निकाली गई रैली
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद स्कूली बच्चों और पुलिसकर्मियों की रैली कोतवाली परिसर से रवाना हुई। रैली रेलवे रोड से होते हुए पुलिस चौकी चौराहे तक पहुंची। इसके बाद रैली निर्धारित मार्ग से वापस कोतवाली पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। रैली में शामिल विद्यार्थी हाथों में देशभक्ति का संदेश लेकर और राष्ट्र के सम्मान में नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
बच्चों के उत्साह के बीच हिंदुस्तान जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारों से कस्बे का वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया। रैली के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि देश की एकता और अखंडता केवल एक विचार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और सद्भाव बनाए रखना भी राष्ट्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
पुलिसकर्मियों ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ
रैली के समापन के बाद कोतवाली परिसर में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ ली। सभी ने देश की एकता को मजबूत करने, नागरिकों के बीच भेदभाव से दूर रहने तथा राष्ट्रीय हितों के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देश की रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उस समय देश के सामने अनेक चुनौतियां थीं, लेकिन पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता के बल पर विभिन्न रियासतों को एक राष्ट्र के रूप में संगठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यही कारण है कि उन्हें लौहपुरुष के नाम से जाना जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन आज भी देशवासियों को राष्ट्रसेवा, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और एकजुटता की प्रेरणा देता है। उनके विचारों को अपनाकर ही समाज में एकता और राष्ट्रीय भावना को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ अच्छे नागरिक बनने, देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करें।
विद्यालयों में भी मनाई गई सरदार पटेल की जयंती
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर खेकड़ा कस्बे के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों में भी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई गई। क्षेत्र के बड़ागांव स्थित स्याद्वाद जैन एकेडमी सहित कस्बे के एमएम डिग्री कॉलेज, एमएम इंटर कॉलेज, आदर्श पब्लिक स्कूल, कोणार्क विद्यापीठ, गुरुकुल विद्यापीठ, देवकृष्णा पब्लिक स्कूल, जेनेक्स पब्लिक स्कूल और होली चाइल्ड एकेडमी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विद्यालयों में लौहपुरुष के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। विद्यालय परिवारों ने विद्यार्थियों को सरदार पटेल के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान के बारे में जानकारी दी। शिक्षकों ने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने का उद्देश्य देशवासियों को एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे के महत्व का एहसास कराना है। विद्यार्थियों को समझाया गया कि भाषा, क्षेत्र, जाति और संस्कृति की विविधता के बावजूद सभी भारतीय एक राष्ट्र का हिस्सा हैं और देश की एकता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों को दिया एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश
शिक्षण संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसके नागरिकों की एकजुटता में होती है। आपसी मतभेदों को भुलाकर मिल-जुलकर रहना, एक-दूसरे का सम्मान करना और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाए रखना राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में अनुशासन, सहयोग, जिम्मेदारी और देशप्रेम की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को सरदार पटेल के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र की मजबूती के लिए केवल सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और नागरिकों के बीच विश्वास भी जरूरी है। जब समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर देशहित में कार्य करते हैं, तभी एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर खेकड़ा में निकाली गई रैली और शिक्षण संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों और उनके योगदान को याद करने का अवसर प्रदान किया। इस दौरान बच्चों, शिक्षकों और पुलिसकर्मियों ने उनके बताए मार्ग पर चलने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

