खेकड़ा,01 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। बड़ागांव की मिट्टी में तैयार हो रहे जैविक और टिकाऊ उत्पादों ने ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में अपनी अलग पहचान बनाई। बड़ागांव के श्रीदेश ऑर्गेनिक फार्म ने प्रदर्शनी में विभिन्न जैविक उत्पादों के साथ अपनी नई पहल के तहत तैयार की जा रही सुगंधित सोया मोमबत्तियां प्रदर्शित कीं। हस्तनिर्मित और आकर्षक डिजाइन वाली इन मोमबत्तियों ने प्रदर्शनी में पहुंचे लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
बड़ागांव निवासी क्षितिज त्यागी द्वारा संचालित श्रीदेश ऑर्गेनिक फार्म के स्टॉल पर कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न जैविक एवं टिकाऊ उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इसी स्टॉल पर अधिवक्ता प्रिया त्यागी की पहल श्रीदेश कैंडिल बाय प्रिया के तहत तैयार की जा रही हस्तनिर्मित सोया मोमबत्तियों को भी प्रदर्शित किया गया। अलग-अलग आकार, डिजाइन और सुगंध में तैयार की गई मोमबत्तियां प्रदर्शनी में लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
हस्तनिर्मित मोमबत्तियों ने खींचा ध्यान
प्रदर्शनी में लगाई गई सोया मोमबत्तियां सामान्य मोमबत्तियों से अलग आकर्षक रूप में तैयार की गई हैं। इन्हें सजावटी उपयोग के साथ-साथ घरों और अन्य स्थानों की सुंदरता बढ़ाने के उद्देश्य से भी तैयार किया जा रहा है। अलग-अलग पसंद और जरूरत के अनुसार मोमबत्तियों को विभिन्न आकार और सुगंध में तैयार करने की सुविधा भी दी जा रही है।
स्टॉल पर आने वाले लोगों को मोमबत्तियों के निर्माण, डिजाइन और उनमें इस्तेमाल किए जाने वाले सोया मोम के बारे में जानकारी दी गई। हस्तनिर्मित होने के कारण इनके निर्माण में डिजाइन और प्रस्तुति पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वजह रही कि ट्रेड शो में आने वाले कई लोगों ने इन उत्पादों के बारे में जानकारी लेने में रुचि दिखाई।
सोया मोम से तैयार होती हैं मोमबत्तियां
प्रिया त्यागी ने बताया कि सोया मोम से हस्तनिर्मित मोमबत्तियां तैयार की जा रही हैं। ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए इन्हें अलग-अलग आकार, रूप और सुगंध में तैयार किया जाता है। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल एक उत्पाद तैयार करना नहीं, बल्कि हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने बताया कि हस्तनिर्मित उत्पादों की अपनी अलग पहचान होती है। इनमें रचनात्मकता और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोगों की मेहनत जुड़ी होती है। ऐसे उत्पादों को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने से छोटे उद्यमों और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलता है।
जैविक खेती के साथ नई पहल
श्रीदेश ऑर्गेनिक फार्म की खासियत यह है कि यहां कृषि और उससे जुड़े विभिन्न टिकाऊ उत्पादों को एक साथ बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रेड शो में फार्म की ओर से जैविक एवं टिकाऊ कृषि उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही हस्तनिर्मित सोया मोमबत्तियों को शामिल कर कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यम को नए उत्पादों से जोड़ने की पहल सामने रखी गई।
क्षितिज त्यागी के नेतृत्व में संचालित श्रीदेश ऑर्गेनिक फार्म की ओर से प्रदर्शनी में आगंतुकों को जैविक खेती और टिकाऊ उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई। वहीं, श्रीदेश कैंडिल बाय प्रिया के माध्यम से हस्तशिल्प क्षेत्र में तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई गई।
अधिकारियों ने किया स्टॉल का अवलोकन
ट्रेड शो के दौरान उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की अतिरिक्त निदेशक कृषि एवं प्रमाणन विभाग की निदेशक डॉ. कनीज फातिमा ने श्रीदेश ऑर्गेनिक फार्म के स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉल पर प्रदर्शित जैविक कृषि उत्पादों के बारे में जानकारी ली और हस्तनिर्मित सोया मोमबत्तियों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
इसके अलावा अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. एमएसके सुंदरन ने भी स्टॉल का निरीक्षण किया। स्टॉल संचालकों ने उन्हें जैविक उत्पादों, टिकाऊ कृषि से जुड़े प्रयासों और हस्तनिर्मित मोमबत्तियों के निर्माण की पहल के बारे में जानकारी दी।
अधिकारियों ने कृषि उत्पादों के साथ हस्तशिल्प को जोड़ने और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के प्रयास की सराहना की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बड़े बाजार और प्रदर्शनियों के माध्यम से आगे ले जाने के महत्व पर भी जोर दिया।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल
प्रिया त्यागी की यह पहल महिला उद्यमिता से भी जुड़ी है। उनका कहना है कि महिलाओं में हुनर और रचनात्मकता की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें अपने कौशल को व्यवसाय का रूप देने के लिए मंच और अवसर उपलब्ध कराने की है। हस्तनिर्मित सोया मोमबत्तियों के माध्यम से इसी दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उत्पादों को ग्राहकों की पसंद के अनुसार तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अलग-अलग डिजाइन और सुगंध के विकल्प उपलब्ध कराने से ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुसार उत्पाद चुन सकते हैं।
स्थानीय उत्पाद को मिला बड़ा मंच
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे बड़े आयोजन में बड़ागांव के छोटे उद्यम की ओर से तैयार उत्पादों का प्रदर्शन स्थानीय स्तर पर काम कर रहे उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। ऐसे आयोजनों के जरिए स्थानीय उत्पादों को दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले खरीदारों, विशेषज्ञों और अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिलता है।
श्रीदेश ऑर्गेनिक फार्म के स्टॉल पर कृषि उत्पादों के साथ हस्तनिर्मित मोमबत्तियों का प्रदर्शन यह भी दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के अलावा अन्य छोटे उद्यमों के लिए भी संभावनाएं मौजूद हैं। स्थानीय संसाधनों, कौशल और रचनात्मकता को जोड़कर नए उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।
बड़ागांव से एक्सपो मार्ट तक पहुंची खुशबू
बड़ागांव में तैयार की जा रही सुगंधित सोया मोमबत्तियों का ग्रेटर नोएडा के बड़े ट्रेड शो में प्रदर्शन क्षेत्र के लिए भी चर्चा का विषय रहा। ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़े व्यापारिक मंच तक पहुंचे इस उत्पाद ने लोगों को आकर्षित किया। प्रदर्शनी में पहुंचे अधिकारियों और विशेषज्ञों ने उत्पाद के बारे में जानकारी ली और पहल की सराहना की।
प्रिया त्यागी ने कहा कि आने वाले समय में इस पहल को और विस्तार देने का प्रयास किया जाएगा। उनका उद्देश्य हस्तनिर्मित उत्पादों की पहचान बढ़ाने के साथ महिला उद्यमिता और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को प्रोत्साहित करना है।
श्रीदेश ऑर्गेनिक फार्म की ओर से जैविक कृषि उत्पादों और श्रीदेश कैंडिल बाय प्रिया की ओर से तैयार की जा रही सुगंधित सोया मोमबत्तियों की संयुक्त प्रस्तुति ने ट्रेड शो में बड़ागांव की एक अलग पहचान बनाई। कृषि, जैविक उत्पाद, हस्तशिल्प और महिला उद्यमिता को एक मंच पर प्रस्तुत करने की इस पहल को अधिकारियों और आगंतुकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

