मथुरा,12 जून 2026 (यूटीएन)। मानसून की दस्तक से पहले नगर निगम द्वारा शहर के नाले-नालियों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। शहर के कई इलाकों में नाले कचरे, प्लास्टिक और गाद से पूरी तरह भरे हुए हैं, जिससे पहली तेज बारिश में जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। नगर निगम ने अप्रैल माह से विशेष सफाई अभियान चलाने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार औरंगाबाद क्षेत्र में 80 प्रतिशत नाले-नालियों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि भैंस बोहरा, मसानी नाला सहित कई प्रमुख नालों की सफाई भी पूरी कर ली गई है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर केवल औपचारिकता निभाई गई है और नालों से निकाली गई गाद भी कई दिनों तक किनारों पर ही पड़ी रहती है, जो दोबारा बारिश के साथ नालों में बह जाती है।
शहर के अंता पाड़ा, चंदनवन, नरहौली, महोली और अन्य कई मोहल्लों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। यहां नालों में वर्षों से जमे गाद और ठोस कचरे के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। कई जगह नालों की चौड़ाई कचरे के ढेर के कारण आधी रह गई है, जिससे जल प्रवाह बाधित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही और केवल कागजों में अभियान चलाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सफाई नहीं हुई तो बारिश के दौरान सड़कें तालाब में तब्दील हो जाएंगी। निचले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुसने का खतरा रहेगा, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। जलभराव के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और डेंगू, मलेरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम केवल कागजी दावों तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण कर तत्काल प्रभाव से नालों की गहन सफाई कराए। साथ ही सफाई कार्य की नियमित निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मानसून के दौरान देशवासियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामगोपाल का कहना है कि अप्रैल माह से लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है और मथुरा-वृंदावन के अधिकांश नाले व नालियों की सफाई पूरी हो चुकी है। शेष स्थानों पर भी कार्य तेजी से जारी है और मानसून शुरू होने से पहले सभी लंबित कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। हालांकि शहर के कई इलाकों की मौजूदा स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है और अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बारिश से पहले नगर निगम अपने वादों को धरातल पर कितना उतर पाता है।
मथुरा- ब्यूरो चीफ, (समीर सेन)।

