Breaking News
चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े दो गैंगस्टर   | फीस में बेतहाशा वृद्धि, बिजली की आंख-मिचौली और किसानों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल का धरना   | आम आदमी पर महंगाई की चौतरफा मार! CNG-PNG से दूध तक महंगा, कारों के दाम भी बढ़े   | कौशांबी हादसे पर प्रधानमंत्री ने जताया गहरा दुख, मृतकों के परिवारों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता   | सीतारमण की अमेरिकी वित्त मंत्री से अहम बैठक, आर्थिक विकास और वैश्विक असंतुलन पर बनी सहमति   | गौतम अडानी को साल की सबसे बड़ी चपत! एक झटके में गंवाए ₹9.01 लाख करोड़, कितनी रह गई नेटवर्थ?   | पुतिन, झापारोव, पेजेश्कियन और पाशिन्यान; बिश्केक में पीएम मोदी ने वैश्विक नेताओं को दिया BRICS समिट का न्योता   | दिल्ली में H1N1 का बढ़ता कहर, 24 घंटे में 48 नए मरीज; 4,164 पहुंचा फ्लू का आंकड़ा   | गौड़ समाज की बेटी आरती गौड़ का ग्राम पंचायत अधिकारी बनने पर भव्य अभिनंदन   | विद्युत व्यवस्था जांच समिति के सभापति बने ठाकुर ओम प्रकाश सिंह, विधान परिषद में ली पद एवं दायित्व की शपथ   |
मल्टी डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता के क्षेत्र में तुरंत आवश्यकता है देश एवं प्रदेश के सभी जगह से अनुभव गैर अनुभवी पुरुष एवं महिलाएं, देश एवं प्रदेश के सभी जिला एवं राज्य में युवक / महिलाएं संपर्क करें मल्टीमीडिया उज्जवल टाइम्स न्यूज़ में जोड़ने के लिए आपको मिल रहा है सुनहरा मौकाआप हमें अपने समाचार एवं विज्ञापन, कविता, लेख प्रकाशित करने के लिए संपर्क कर सकते हैं . E-mail- ujjwaltimesnewsnetwork@gmail.com

नगर निगम की दिखावे की सफाई, नालों में जमा कचरा बढ़ाएगा मुसीबत

1781351056_01.jpg
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर केवल औपचारिकता निभाई गई है और नालों से निकाली गई गाद भी कई दिनों तक किनारों पर ही पड़ी रहती है, जो दोबारा बारिश के साथ नालों में बह जाती है।

मथुरा,12 जून 2026 (यूटीएन)। मानसून की दस्तक से पहले नगर निगम द्वारा शहर के नाले-नालियों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। शहर के कई इलाकों में नाले कचरे, प्लास्टिक और गाद से पूरी तरह भरे हुए हैं, जिससे पहली तेज बारिश में जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। नगर निगम ने अप्रैल माह से विशेष सफाई अभियान चलाने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार औरंगाबाद क्षेत्र में 80 प्रतिशत नाले-नालियों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि भैंस बोहरा, मसानी नाला सहित कई प्रमुख नालों की सफाई भी पूरी कर ली गई है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर केवल औपचारिकता निभाई गई है और नालों से निकाली गई गाद भी कई दिनों तक किनारों पर ही पड़ी रहती है, जो दोबारा बारिश के साथ नालों में बह जाती है।

शहर के अंता पाड़ा, चंदनवन, नरहौली, महोली और अन्य कई मोहल्लों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। यहां नालों में वर्षों से जमे गाद और ठोस कचरे के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। कई जगह नालों की चौड़ाई कचरे के ढेर के कारण आधी रह गई है, जिससे जल प्रवाह बाधित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही और केवल कागजों में अभियान चलाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सफाई नहीं हुई तो बारिश के दौरान सड़कें तालाब में तब्दील हो जाएंगी। निचले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुसने का खतरा रहेगा, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। जलभराव के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और डेंगू, मलेरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

 व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम केवल कागजी दावों तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण कर तत्काल प्रभाव से नालों की गहन सफाई कराए। साथ ही सफाई कार्य की नियमित निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मानसून के दौरान देशवासियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामगोपाल का कहना है कि अप्रैल माह से लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है और मथुरा-वृंदावन के अधिकांश नाले व नालियों की सफाई पूरी हो चुकी है। शेष स्थानों पर भी कार्य तेजी से जारी है और मानसून शुरू होने से पहले सभी लंबित कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। हालांकि शहर के कई इलाकों की मौजूदा स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है और अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बारिश से पहले नगर निगम अपने वादों को धरातल पर कितना उतर पाता है।

मथुरा- ब्यूरो चीफ, (समीर सेन)।







Breaking Update

🌐 Translate
🔔 हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें ×
📢 ताज़ा खबर WhatsApp पर पाएँ