मथुरा,12 जून 2026 (यूटीएन)। जनपद में अवैध गैस रिफिलिंग के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत आपूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़े गैस रिफिलिंग रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर, रिफिलिंग मशीनें तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई हॉकर और अन्य संदिग्ध कार्रवाई की भनक लगते ही सिलिंडर छोड़कर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, जिला पूर्ति अधिकारी को बीते दिनों पानीगांव-मांट रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के निकट बने गोदाम में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग कर उसे ऊंचे दामों पर बाजार में बेचने की शिकायत मिली थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आपूर्ति विभाग ने राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त टीम गठित कर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। टीम ने मांट-वृंदावन रोड स्थित चिह्नित मार्केट में दबिश दी तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कई हॉकर मौके से भाग निकले, जबकि वृंदावन के कैलाश नगर निवासी जसवीर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब एक वर्ष से अन्य हॉकरों के साथ मिलकर घरेलू गैस सिलिंडरों से अवैध रिफिलिंग का कारोबार कर रहा था। रीफिलिंग के बाद सिलिंडरों की आपूर्ति वृंदावन, लक्ष्मीनगर, राया और आसपास के अन्य क्षेत्रों में की जाती थी। संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान 218 घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडर, पांच गैस रिफिलिंग पंप मशीनें, चार पाइप नोजल, दो इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें, एक जनरेटर तथा दो लोडर वाहन बरामद किए। बरामद उपकरणों से संकेत मिलता है कि यह कोई छोटा-मोटा धंधा नहीं, बल्कि संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा अवैध नेटवर्क था।
अधिकारियों का मानना है कि घरेलू गैस सिलिंडरों से व्यावसायिक उपयोग के लिए गैस निकालकर अधिक कीमत पर बेची जा रही थी, जिससे न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा था बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी गंभीर खतरे में पड़ रही थी। बिना किसी सुरक्षा मानक के गैस रिफिलिंग की प्रक्रिया किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आग या विस्फोट जैसी घटना होने पर भारी जनहानि की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अवैध कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। फरार हॉकरों और संभावित सरगनाओं की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गैस सिलिंडरों की आपूर्ति किन माध्यमों से हो रही थी और इस नेटवर्क का दायरा कितने क्षेत्रों तक फैला हुआ था। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
उसके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। बरामद सभी सिलेंडरों को सुरक्षित रूप से इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम में जमा करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा- ब्यूरो चीफ, (समीर सेन)।

