खेकड़ा 11 जुलाई 2026 (यूटीएन)। कोतवाली क्षेत्र के गांव विनयपुर में लूट के मुकदमे के एक पीड़ित ने अब अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से लगातार उस पर समझौता करने और केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं, इनकार करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। मामले में पीड़ित ने कोतवाली प्रभारी को शिकायती पत्र सौंपकर सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
गांव विनयपुर निवासी जावेद अली ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 22 जून को उसके साथ लूट और मारपीट की गंभीर घटना हुई थी। घटना के संबंध में उसने तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि दो अन्य आरोपी अभी तक फरार हैं। पीड़ित का कहना है कि फरार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के साथ-साथ अब उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
जावेद अली के अनुसार, दोनों अज्ञात युवक अक्सर बाइक पर सवार होकर उसकी दुकान के आसपास चक्कर लगाते हैं। पहचान छिपाने के लिए वे अपने चेहरे कपड़े से ढककर आते हैं। मौका मिलते ही वे मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाते हैं और मना करने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। पीड़ित का कहना है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर दो से तीन बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे वह और उसका परिवार लगातार भय के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम कहते हैं कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो उसका अंजाम बहुत बुरा होगा। धमकियों के कारण वह अपनी दुकान पर भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहा है। परिवार के सदस्य भी घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं में भी दहशत का माहौल बना हुआ है।
जावेद ने पुलिस से मांग की है कि दोनों फरार आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही उसकी दुकान और घर के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उसने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके साथ कोई भी गंभीर वारदात हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी आरोपियों की होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मुकदमे के वादी को ही लगातार धमकियां मिलती रहें तो इससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना है कि अपराधियों के हौसले तभी बुलंद होते हैं जब उन्हें कार्रवाई का डर नहीं रहता। ग्रामीणों ने भी पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी मुकदमे के वादी या गवाह को धमकाना, समझौते के लिए दबाव बनाना या जान से मारने की धमकी देना अपने आप में गंभीर आपराधिक कृत्य है। ऐसे मामलों में पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो और पीड़ित बिना किसी भय के अपना पक्ष रख सके।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने पीड़ित द्वारा दिए गए शिकायती पत्र को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में धमकी देने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित की सुरक्षा के संबंध में भी उचित कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के अधीन है, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों ने पीड़ित परिवार की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित की सुरक्षा के लिए प्रशासन कितनी तेजी से कदम उठाता है।

