Breaking News
सांकरौद में मकान पर कब्जे के विरोध में खूनी संघर्ष, धारदार हथियार से हमला, दो घायल   | पैतृक जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर बहनों में विवाद, घर में घुसकर जानलेवा हमले का आरोप   | धन नहीं, धर्म कमाने का समय है चातुर्मास: आचार्य श्री आर्जवसागर   | रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 455 किलो मावा और 65 किलो पनीर नष्ट   | यमुना की धारा मोड़ने का आरोप, बदरखा के ग्रामीणों में दहशत, तटबंध निर्माण रोकने की मांग   | किशनपुर बराल में निशुल्क मेडिकल कैंप, 125 मरीजों की जांच और उपचार   | बड़ागांव को राष्ट्रीय स्तर पर मिला ग्राम पर्यटन उत्कृष्टता पुरस्कार, गांव की विरासत और पर्यटन विकास को मिली पहचान   | विधवा से अश्लील मांग का विरोध पड़ा भारी, घर में घुसकर मां-बेटे से मारपीट   | वनवे प्लान से खेकड़ा को जाम से मिलेगी मुक्ति, स्कूल बसों के लिए होगी विशेष व्यवस्था   | मुख्यमंत्री योगी की रसोइया कैशलेस चिकित्सा योजना से मिली बड़ी राहत, 5 लाख तक की कैशलेस सुविधा का सम्मान: त्यागी   |
मल्टी डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता के क्षेत्र में तुरंत आवश्यकता है देश एवं प्रदेश के सभी जगह से अनुभव गैर अनुभवी पुरुष एवं महिलाएं, देश एवं प्रदेश के सभी जिला एवं राज्य में युवक / महिलाएं संपर्क करें मल्टीमीडिया उज्जवल टाइम्स न्यूज़ में जोड़ने के लिए आपको मिल रहा है सुनहरा मौकाआप हमें अपने समाचार एवं विज्ञापन, कविता, लेख प्रकाशित करने के लिए संपर्क कर सकते हैं . E-mail- ujjwaltimesnewsnetwork@gmail.com

गरीब परिवार को जमीन विवाद में मिलेगी मुफ्त कानूनी मदद

1787238807_2.jpg


खेकड़ा, 20 अगस्त 2026 (यूटीएन)। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को न्याय पाने में आर्थिक परेशानी बाधा न बने, इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जरूरतमंदों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में तहसील खेकड़ा क्षेत्र के डूंडाहैड़ा निवासी एक गरीब परिवार को जमीन विवाद के मामले में अब निजी अधिवक्ता की फीस का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बागपत ने मामले में निशुल्क पैरवी के लिए पैनल अधिवक्ता की नियुक्ति की है।

डूंडाहैड़ा निवासी गोपीचंद ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष प्रार्थना-पत्र देकर बताया था कि अब्दुलपुर स्थित जमीन को लेकर उनका कुछ विपक्षियों से विवाद चल रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक तंगी के कारण वह जमीन विवाद में निजी अधिवक्ता की फीस वहन करने की स्थिति में नहीं हैं।

गोपीचंद ने अपनी आर्थिक स्थिति के प्रमाण के तौर पर प्राधिकरण के समक्ष राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और मजदूरी कार्ड समेत आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए। प्रार्थना-पत्र के साथ लगाए गए दस्तावेजों का अधिकारियों ने अवलोकन किया और आवेदक की आर्थिक स्थिति का परीक्षण किया।

निशुल्क कानूनी सहायता के पात्र पाए गए आवेदक

दस्तावेजों और प्रार्थना-पत्र के परीक्षण के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पाया कि आवेदक विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 के तहत निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का पात्र है। इसके बाद प्राधिकरण की ओर से मामले में सरकारी स्तर पर निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अंकिता सिंह ने मामले में पैनल अधिवक्ता विशाल धामा को नियुक्त किया है। उन्हें पीड़ित पक्ष को नियमानुसार निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिवक्ता को मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही प्रकरण में हुई कार्रवाई की जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है। इससे मामले की पैरवी और आगे की कानूनी प्रक्रिया की निगरानी भी की जा सकेगी।

निजी अधिवक्ता की फीस का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा

जमीन विवाद जैसे मामलों में लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चलने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने अधिवक्ता की फीस और अन्य खर्चों का संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में निशुल्क कानूनी सहायता मिलने से जरूरतमंद परिवारों को काफी राहत मिलती है।

गोपीचंद की ओर से भी अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। प्राधिकरण द्वारा पैनल अधिवक्ता नियुक्त किए जाने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है।

जरूरतमंदों के लिए कानूनी सहायता का महत्वपूर्ण कदम

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समय-समय पर आर्थिक रूप से कमजोर, पात्र और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परेशानी के कारण कोई व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे।

गोपीचंद के मामले में भी प्राधिकरण के हस्तक्षेप से उन्हें अपने जमीन संबंधी विवाद में कानूनी सहायता प्राप्त करने का रास्ता मिला है। अब पैनल अधिवक्ता की ओर से मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और प्राधिकरण को इसकी प्रगति से अवगत कराया जाएगा।

निशुल्क अधिवक्ता नियुक्त होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को उम्मीद है कि वह बिना निजी अधिवक्ता की भारी फीस दिए अपने पक्ष को कानूनी रूप से मजबूती से रख सकेगा और जमीन विवाद में न्याय पाने के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया अपना सकेगा।

वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )







Breaking Update

🌐 Translate
🔔 हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें ×
📢 ताज़ा खबर WhatsApp पर पाएँ