बड़ौत,20 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। कोतवाली क्षेत्र के राजपुर खामपुर गांव में आयोजित दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का रविवार को शोभायात्रा एवं विशाल भंडारे के साथ हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। सत साहिब संत कबीर पंथ के प्रमुख संत श्री घीसाराम महाराज की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गांव में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने संत महात्माओं के प्रवचन सुनकर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन संत घीसाराम महाराज की स्मृति में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुए। धार्मिक गीतों और भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों ने जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्घाटन बसपा की ओर से बड़ौत विधानसभा क्षेत्र के संभावित प्रत्याशी पं. सचिन शर्मा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर गांव के सम्मानित लोगों एवं आयोजक मंडल की ओर से पं. सचिन शर्मा का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। आयोजकों ने कार्यक्रम में पहुंचे संतों, अतिथियों, श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों का सम्मान किया।
परमार्थ और जीव कल्याण का दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बसपा नेता पं. सचिन शर्मा ने संत घीसाराम महाराज के जीवन और उनके संदेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संतों का जीवन समाज और जीवमात्र के कल्याण के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने पंक्ति “परमार्थ के कारणे प्रगटे घीसाराम, जिओं का दुख देखकर छोड़ आए निज धाम” का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सम्मान, पद और प्रतिष्ठा से अधिक महत्वपूर्ण जीवमात्र के कल्याण की भावना है।
उन्होंने कहा कि संत महापुरुषों के विचार समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे, सेवा और परमार्थ की प्रेरणा देते हैं। ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को भी संतों के जीवन और उनके विचारों से परिचित होने का अवसर मिलता है।
संतों के आशीर्वचन से लाभान्वित हुए श्रद्धालु
कार्यक्रम का आयोजन खेकड़ा धाम की प्रमुख गद्दी के महंत देवेंद्र दास जी महाराज के संरक्षण में किया गया। खेकड़ा धाम से आचार्य श्री 1008 श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज के साथ श्री सावन दास जी महाराज और फागुन दास जी महाराज भी कार्यक्रम में पहुंचे। संतों ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए धार्मिक एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
संतों ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्य, सेवा, सदाचार और परोपकार को महत्व देना चाहिए। संतों की वाणी का उद्देश्य केवल धार्मिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि व्यक्ति को बेहतर आचरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराना भी है। श्रद्धालुओं ने संतों के प्रवचन सुने और उनके चरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
कार्यक्रम के दौरान गीत-संगीत और भजनों की प्रस्तुतियों ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया। संगीतकार मा. विजयपाल सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। मा. सतबीर सिंह, गुलाब सिंह, भले सिंह और विजेंद्र सिंह ने गीत-संगीत एवं भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक भाव से जोड़ने का प्रयास किया।
भजनों के दौरान श्रद्धालु भी भाव-विभोर नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने संत घीसाराम महाराज का स्मरण करते हुए भक्ति गीतों में सहभागिता की। धार्मिक आयोजन के दौरान गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा।
विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी
शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजक मंडल और ग्रामीणों ने भंडारे की व्यवस्था में सहयोग किया। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से भोजन प्रसादी उपलब्ध कराई गई।
भंडारे में गुरचरण दास, परमवीर, पीतम सिंह, सहेंद्र सिंह, तेजपाल सिंह, सुभाष सिंह, ओमवीर, अमरेश कुमार, रामकुमार, सतीश कुमार, बबलू सिंह, बिट्टू सिंह, अनिल कुमार, राहुल सिंह, कपिल सहित अन्य ग्रामीणों ने सहयोग किया। आयोजकों ने सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का आभार जताया।
ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
दो दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्रामवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ग्रामीणों ने शोभायात्रा, सत्संग और भंडारे की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। कार्यक्रम के दौरान बाहर से आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के स्वागत की भी व्यवस्था की गई।
आयोजक मंडल ने कहा कि संत घीसाराम महाराज की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में सेवा, भाईचारे और परमार्थ की भावना को बढ़ावा देने का माध्यम है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान पं. सचिन शर्मा ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर उपस्थित लोगों के बीच अपनी राजनीतिक इच्छा और जनसेवा से जुड़े विचार भी रखे। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जनता का समर्थन प्राप्त होता है तो वे क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा स्तर तक उठाने और जनसेवा के लिए सक्रिय रहने का प्रयास करेंगे। उनका यह वक्तव्य कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
कार्यक्रम के समापन पर संतों ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। आयोजकों ने सभी अतिथियों, संत महात्माओं, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया। धार्मिक आयोजन के सफल समापन पर ग्रामीणों ने भी संत घीसाराम महाराज को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

