बिनौली,09 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। बिजवाड़ा-ककड़ीपुर रजवाहे की पटरी मार्ग के दोनों ओर लंबे समय से उगी बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियों के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। झाड़-झंखाड़ के सड़क तक फैल जाने से मार्ग संकरा हो गया है और यहां से गुजरने वाले वाहनों तथा पैदल राहगीरों के लिए आवागमन मुश्किल होता जा रहा है। मार्ग पर लगातार बढ़ती झाड़ियों के कारण सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
समस्या को लेकर रालोद क्षेत्रीय महासचिव डॉ. अनिल आर्य ने जिलाधिकारी अस्मिता लाल को ज्ञापन सौंपकर रजवाहे की पटरी मार्ग के दोनों ओर उगी घास और झाड़ियों की तत्काल कटाई तथा सफाई कराने की मांग की है। जिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कई प्रमुख मार्गों को जोड़ता है पटरी मार्ग
डॉ. अनिल आर्य ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि बिजवाड़ा-ककड़ीपुर रजवाहे की पटरी मार्ग क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह मार्ग बड़ौत-मेरठ, बड़ौत-मुजफ्फरनगर तथा बड़ौत-बिनौली-सरधना-मेरठ समेत कई प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ता है।
इस कारण इस मार्ग पर सुबह से लेकर देर शाम तक बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, जबकि विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज जाने के लिए भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। किसानों के लिए खेतों तक पहुंचने और कृषि कार्यों से जुड़े आवागमन में भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा कर्मचारी, व्यापारी, दोपहिया वाहन चालक और अन्य आम नागरिक भी रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर झाड़ियों का बढ़ जाना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
सड़क के दोनों ओर फैल गईं झाड़ियां
ज्ञापन में बताया गया कि रजवाहे की पटरी मार्ग के दोनों ओर काफी ऊंची घास, झाड़ियां और अन्य वनस्पतियां उग आई हैं। इनकी समय से कटाई नहीं होने के कारण ये सड़क की ओर फैल गई हैं। कई स्थानों पर झाड़ियों ने सड़क के किनारे का बड़ा हिस्सा घेर लिया है।
इससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है और दो वाहनों के आमने-सामने आने पर चालकों को परेशानी होती है। विशेष रूप से बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान स्थिति और मुश्किल हो जाती है।
सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते
सबसे बड़ी समस्या सड़क के मोड़ों और ऐसे स्थानों पर है जहां झाड़ियों की ऊंचाई अधिक है। झाड़ियों के कारण सामने से आने वाले वाहनों को समय रहते देख पाना मुश्किल हो जाता है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती है। यदि अचानक सामने से कोई वाहन आ जाए तो चालक को प्रतिक्रिया देने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इसी वजह से स्थानीय लोगों ने मार्ग की तत्काल सफाई कराने की मांग की है।
विद्यार्थियों और ग्रामीणों को भी परेशानी
यह मार्ग विद्यार्थियों और ग्रामीणों के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस रास्ते से गुजरते हैं। सड़क के किनारे झाड़ियां बढ़ जाने से पैदल चलने वालों के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बचती।
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह और शाम के समय जब आवागमन अधिक होता है, तब सड़क पर झाड़ियों के कारण परेशानी और बढ़ जाती है। कई बार राहगीरों को सड़क के बीच से होकर निकलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है रास्ता
रजवाहे की पटरी से जुड़े क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान खेती करते हैं। खेतों तक ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और अन्य वाहन ले जाने के लिए भी इस मार्ग का इस्तेमाल होता है।
सड़क के दोनों ओर झाड़ियों के कारण कृषि वाहनों को भी निकलने में दिक्कत होती है। स्थानीय किसानों का कहना है कि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।
दुर्घटना की आशंका को लेकर चिंता
ज्ञापन में दुर्घटना की आशंका को भी प्रमुखता से उठाया गया है। झाड़ियों के कारण सड़क के किनारे की स्थिति साफ दिखाई नहीं देती। वहीं सामने से आने वाले वाहनों को देखने में भी परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी वाहन चालक को सामने से आ रहे वाहन का समय पर पता नहीं चला तो टक्कर की स्थिति बन सकती है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए यह समस्या गंभीर है।
समय-समय पर सफाई की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के संपर्क मार्गों पर केवल एक बार सफाई कराने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। बरसात के मौसम में घास और झाड़ियों की बढ़वार तेजी से होती है। इसलिए प्रमुख संपर्क मार्गों पर समय-समय पर झाड़ियों की कटाई और साफ-सफाई कराया जाना जरूरी है।
लोगों ने मांग की है कि रजवाहे की पटरी मार्ग की पूरी लंबाई का निरीक्षण कर जहां-जहां झाड़ियां सड़क तक फैल गई हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर सफाई कराई जाए।
डीएम ने दिए स्थलीय निरीक्षण के निर्देश
मामले को लेकर जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को स्थलीय निरीक्षण कराने और आवश्यक साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
डीएम के निर्देश के बाद अब संबंधित विभाग की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण किए जाने की उम्मीद है। निरीक्षण के दौरान सड़क की वास्तविक स्थिति, झाड़ियों की स्थिति और सफाई की आवश्यकता वाले स्थानों को चिह्नित किया जाएगा।
लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद
प्रशासन की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही मार्ग के दोनों ओर उगी घास और झाड़ियों की कटाई कराई जाएगी। यदि समय रहते सफाई अभियान चलाया जाता है तो सड़क की चौड़ाई भी पहले जैसी हो सकेगी और वाहनों का आवागमन अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि समस्या काफी समय से बनी हुई थी। अब शिकायत के बाद अधिकारियों द्वारा संज्ञान लिए जाने से उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है।
सिर्फ सफाई नहीं, नियमित निगरानी की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर नियमित निगरानी भी जरूरी है। बारिश के बाद झाड़ियों और घास की तेजी से बढ़ने वाली समस्या को देखते हुए समय-समय पर सफाई कराई जानी चाहिए।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख संपर्क मार्गों की सूची तैयार कर वहां नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क किनारे झाड़ियां बढ़कर यातायात में बाधा न बन सकें।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से लोगों को उम्मीद
रालोद नेता डॉ. अनिल आर्य ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में संपर्क मार्गों की स्थिति बेहतर रखना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कई प्रमुख स्थानों को जोड़ता है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यहां साफ-सफाई और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था जरूरी है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि केवल वर्तमान समस्या का समाधान ही न किया जाए, बल्कि भविष्य में भी इस मार्ग पर नियमित सफाई की व्यवस्था बनाई जाए।
ग्रामीणों ने कहा—जल्द हो कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि झाड़ियां इतनी बढ़ गई हैं कि कई जगह सड़क और पटरी के बीच का अंतर स्पष्ट दिखाई नहीं देता। दिन के समय तो लोग किसी तरह निकल जाते हैं, लेकिन कम रोशनी वाले समय में परेशानी बढ़ जाती है।
लोगों ने कहा कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को पहले ही एहतियाती कदम उठाना चाहिए। मार्ग की सफाई होने से न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि वाहन चालकों को भी सामने की स्थिति स्पष्ट दिखाई देगी।
अब कार्रवाई पर टिकी नजर
बिजवाड़ा-ककड़ीपुर रजवाहे की पटरी मार्ग की समस्या को लेकर ज्ञापन दिए जाने और डीएम द्वारा डीपीआरओ को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए जाने के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
यदि मार्ग के दोनों ओर उगी झाड़ियों और ऊंची घास की कटाई कराकर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाती है तो इससे बिनौली क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही सड़क पर दुर्घटना की आशंका भी कम होगी और प्रमुख संपर्क मार्ग पर आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगा।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द स्थलीय निरीक्षण के बाद सफाई अभियान शुरू कराए, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

