मथुरा, 30 जून 2026 (यूटीएन)। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली आपूर्ति में लगातार आ रही बाधाओं ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर और देहात के कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने, लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और ट्रांसफार्मरों में खराबी जैसी समस्याओं से लोग परेशान हैं। हालात इस कदर बिगड़ गए कि राधिका विहार बिजलीघर पर क्षेत्रीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विभाग के खिलाफ जमकर हंगामा किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। दिन और रात में कई-कई बार बिजली कटौती हो रही है, जिससे घरों में लगे विद्युत उपकरण प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। राधिका विहार फेस-1 के निवासियों ने बताया कि क्षेत्र में कभी वोल्टेज अत्यधिक कम हो जाता है तो कभी अचानक बढ़ जाता है। इससे एसी, कूलर, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने का खतरा बना रहता है।
इसके अलावा एमआईजी पार्क के समीप स्थित ट्रांसफार्मर से जुड़े तार आए दिन टूट जाते हैं, जिसके चलते कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। रविवार रात जब लंबे समय तक बिजली नहीं आई तो बड़ी संख्या में लोग बिजलीघर पहुंच गए और अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। कृष्णा नगर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण उपभोक्ताओं को घंटों बिजली संकट झेलना पड़ा। दिनभर लोग उमस और गर्मी से बेहाल रहे। बाद में विभाग द्वारा दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल की गई, तब जाकर लोगों को राहत मिली। हालांकि क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मरों पर लगातार बढ़ते लोड के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। सोमवार शाम गोकुल स्थित 220 केवी बिजलीघर से सप्लाई बाधित होने का असर शहर के कई हिस्सों पर देखने को मिला। रंगजी बगीचा 33 केवी उपकेंद्र सहित अन्य क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
औरंगाबाद, नटवर नगर, राधापुरम स्टेट कॉलोनी और विश्व लक्ष्मी नगर में भी लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या के कारण पंखे और कूलर ठीक से नहीं चल सके, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। महावन क्षेत्र के ब्रह्मांड घाट इलाके में भी लंबे समय से बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नियमित और सुचारु आपूर्ति नहीं मिल रही। कई बार घंटों तक बिजली गायब रहती है, जबकि शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बिजली संकट का असर केवल घरेलू जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली कटौती के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है।
कई दुकानदारों को जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, विशेषकर शाम और रात के समय बिजली जाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग की ओर से पर्याप्त सूचना भी नहीं दी जाती। अचानक बिजली कटौती होने से लोगों को यह तक पता नहीं चल पाता कि सप्लाई कब तक बहाल होगी। कई बार शिकायत केंद्रों पर फोन नहीं उठाए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से चल रही है। मुख्य अभियंता राजीव गर्ग के अनुसार यदि कहीं समस्या आई है तो उसका कारण स्थानीय फॉल्ट, लाइन ब्रेकडाउन या तकनीकी खराबी हो सकती है। विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जहां भी खराबी की सूचना मिल रही है, उसे जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके बावजूद आम लोगों में बिजली व्यवस्था को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति उनकी मूलभूत आवश्यकता है और विभाग को अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि बार-बार उत्पन्न होने वाली समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके। बिजली संकट को लेकर बढ़ते जन आक्रोश ने विभाग के सामने व्यवस्था सुधारने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

