नई दिल्ली,07 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। जनपथ स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में श्री’ अयोध्या न्यास’ द्वारा तीन दिवसीय ‘अयोध्या पर्व’ के भव्य आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव को अनेक सत्रों में विभाजित किया गया है। प्रथम सत्र में सुप्रसिद्ध उद्यमी, कुशल इंजीनियर, वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि बी.एल. गौड़ एवं वरिष्ठ कवि, लेखक एवं पत्रकार डॉ. शैलेश शुक्ल की कृति ‘भविष्य की अयोध्या’ का लोकार्पण पद्मभूषण राम बहादुर राय, यमुना एक्सप्रे वे विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश सिंह (आईएएस) एवं अयोध्या के पूर्व सांसद लल्लू सिंह के कर-कमलों द्वारा भव्य रूप से संपन्न हुआ।


सत्र का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। डॉ. शैलेश शुक्ला ने अपने वक्तव्य में अयोध्या में प्रतिदिन 5 लाख तक तक तीर्थयात्रियों को व्यवस्थित रूप से श्रीराम मंदिर के दर्शन और सम्पूर्ण अयोध्या के तीर्थाटन के लिए निरंतर हो रहे अवसरंचना निर्माण और वर्ष 2047 तक के अयोध्या विजन के बारे में बताया। बी.एल. गौड़ ने अपने वक्तव्य में कहा कि लोकार्पित पुस्तक मात्र 20-25 दिनों के भीतर आप सभी के समक्ष प्रस्तुत हुई है। उन्होंने बताया कि उनके अंतर्मन में अयोध्या के विकास और पुनर्निर्माण से संबंधित अनेक योजनाएं काफी समय से आकार ले रही थीं। श्री गौड़ ने गौड़सन्स द्वारा बनाई गई विभिन्न टाउनशिप में नगर योजना के महत्वपूर्ण पहलू कचरा प्रबंधन प्रक्रिया के बारे में भी बताया।
आईएएस राकेश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि वे स्वयं अयोध्यावासी हैं। उन्होंने अपने इस मर्यादित शहर को बचपन से देखा है और अपने परिवार की वरिष्ठ पीढ़ी तथा समाज के बुजुर्गों से इसकी पुरातन पृष्ठभूमि से लेकर वर्तमान तक के विभिन्न आयामों को नजदीक से समझा है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने अपने वक्तव्य में आपातकाल (इमरजेंसी) के समय के प्रसंगों को स्मरण करते हुए बताया कि जिस प्रकार उस समय दिल्ली में संजय गांधी द्वारा विध्वंसात्मक गतिविधियां प्रारंभ की गई थीं, उसी प्रकार वाराणसी में बाबा विश्वनाथ मंदिर को जाने वाली संकरी गलियों के चौड़ीकरण की योजना बनाई गई थी। इस विषय की सूचना इंदिरा गांधी तक पहुंचाई गई, जिसके बाद उन्होंने अपनी सहयोगी पुपुल जयकर को वहां की स्थिति का आकलन करने भेजा। उनकी रिपोर्ट के आधार पर उस योजना को स्थगित कर दिया गया था।
उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2016 में वर्तमान सरकार ने सभी परिस्थितियों का आकलन करने के बाद इस योजना को पुनर्जीवित करते हुए उसका जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया और सकारात्मक इच्छाशक्ति के बल पर उसे सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसका परिणाम आज काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के रूप में सबके सामने है।
अयोध्या के पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने अपने संबोधन में अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल अतीत की स्मृतियों को जीवित करता है, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी सशक्त बनाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के आयोजन आगे भी निरंतर होते रहेंगे और अयोध्या के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होंगे।
Global Group Editor of the Srijan Sansar International Magazine Group.




