बागपत, 29 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को हुई बारिश के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में छाए बादलों और बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को ठंड का अहसास होने लगा। मौसम में आए इस बदलाव ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं शुक्रवार को फिर से खराब मौसम की आशंका ने किसानों और आमजन की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भी क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश होने, तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है।
बारिश के बाद तापमान में गिरावट, बढ़ा ठंड का असर
गुरुवार को बागपत सहित दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश के कारण मौसम का मिजाज बदल गया और तापमान में गिरावट महसूस की गई। दिनभर बादलों की आवाजाही और हवा में नमी बढ़ने से वातावरण में ठंडक घुल गई। मौसम के इस बदलाव का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है।
बागपत के अलावा गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत सहित एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों में भी बारिश दर्ज की गई। मौसम में अचानक आए बदलाव के चलते लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी। हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट दर्ज की गई, इसका सटीक आंकड़ा संबंधित मौसम केंद्र के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।
शुक्रवार को फिर बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विज्ञानियों के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। आसमान में बादल छाने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर तेज झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। यदि पूर्वानुमान के अनुरूप तेज हवाएं चलती हैं, तो खुले स्थानों पर रखी हल्की वस्तुओं, अस्थायी ढांचों, पेड़ों की कमजोर शाखाओं और बिजली के तारों के आसपास जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
चक्रवात के अवशेष और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त प्रभाव
कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़े मौसम विज्ञानियों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में बारिश की स्थिति के पीछे वातावरण में बढ़ी नमी और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त प्रभाव माना जा रहा है। मौसम में आए बदलाव को उष्णकटिबंधीय चक्रवात अर्नब के अवशेषों से पहुंच रही नमी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब किसी चक्रवात के अवशेषों से वातावरण में नमी पहुंचती है और उसी दौरान पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहता है, तो दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मौसम में अस्थिरता बढ़ सकती है। ऐसी परिस्थितियों में मैदानी इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां विकसित हो सकती हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की स्थिति बन सकती है।
हालांकि, बारिश को चक्रवात के मुख्य केंद्र से सीधे तौर पर जोड़ना उचित नहीं होगा। मौसम की वास्तविक स्थिति स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों, नमी, हवा की दिशा और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता पर भी निर्भर करती है।
किसानों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम में अचानक आए बदलाव और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज हवा, बारिश और ओले खेतों में खड़ी फसलों, सब्जियों तथा अन्य कृषि उत्पादों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नुकसान की आशंका फसल की अवस्था, क्षेत्र में मौसम की तीव्रता और बारिश के वास्तविक स्वरूप पर निर्भर करेगी।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और कृषि संबंधी निर्णय लेने से पहले कृषि विज्ञान केंद्र या संबंधित विभाग की सलाह लें। खेतों में सिंचाई, छिड़काव, कटाई अथवा अन्य जरूरी कृषि कार्यों की योजना बनाते समय संभावित बारिश और तेज हवाओं को ध्यान में रखना उपयोगी होगा।
आमजन भी बरतें सावधानी
शुक्रवार को गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका के मद्देनजर आमजन को भी सतर्क रहने की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर होर्डिंग या अस्थायी ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में रुकने के बजाय किसी सुरक्षित इमारत में शरण लेना बेहतर है।
तेज हवाएं चलने पर वाहन चालकों को भी सावधानी से वाहन चलाना चाहिए। दोपहिया वाहन चालकों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए, तो अनावश्यक यात्रा टालना और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना उचित रहेगा।
मौसम के पूर्वानुमान पर रखें नजर
गुरुवार की बारिश के बाद तापमान में गिरावट से ठंड का असर बढ़ गया है। वहीं, शुक्रवार को बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका के चलते मौसम पर लोगों की नजर बनी हुई है। मौसम की परिस्थितियां क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए बागपत और आसपास के इलाकों के लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों तथा आधिकारिक अपडेट पर ध्यान देना चाहिए।
प्रकाशन से पहले जरूरी पुष्टि: शुक्रवार, 30 अक्टूबर की तारीख, चक्रवात अर्नब के अवशेषों का उल्लेख, हवा की अनुमानित गति और ओलावृष्टि की चेतावनी को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) या संबंधित आधिकारिक मौसम बुलेटिन से सत्यापित कर लें। यदि यह खबर 2026 के लिए है, तो तारीख और पूर्वानुमान का विशेष रूप से मिलान जरूरी है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

