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नीतिगत दरों में यथास्थिति बनाये रखने से विकास की गति को बढ़ावा मिलेगा-डॉ. ए शक्तिवेल

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों को 6.5 प्रतिशत पर यथास्थिति बनाये रखने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए फियो अध्यक्ष डॉ. ए शक्तिवेल ने कहा कि यह अर्थव्यवस्था की विकास की गति को और बढ़ावा देने तथा महंगाई दर को नियंत्रण में रखने के भारतीय रिजर्व बैंक के संकल्प को प्रदर्शित करता है।

नई दिल्ली, 08 जून 2023 (यूटीएन)। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों को 6.5 प्रतिशत पर यथास्थिति बनाये रखने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए फियो अध्यक्ष डॉ. ए शक्तिवेल ने कहा कि यह अर्थव्यवस्था की विकास की गति को और बढ़ावा देने तथा महंगाई दर को नियंत्रण में रखने के भारतीय रिजर्व बैंक के संकल्प को प्रदर्शित करता है। डॉ. ए शक्तिवेल  ने कहा कि अमेरिकी फेड के भी अपनी नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखे जाने की उम्मीद के साथ, व्यापार एवं उद्योग का यह मानना था कि भारतीय रिजर्व बैंक भी नीतिगत दरों में यथास्थिति बनाये रखने के इसी पथ का अनुसरण करना जारी रखेगा।
फियो प्रमुख ने दुहराया कि रिजर्व बैंक महसूस करता है कि एमपीसी का निर्णय विकास का समर्थन करते हुए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक ( सीपीआई ) महंगाई दर के मध्यम अवधि के लक्ष्य को +/-2 प्रतिशत के बैंड के भीतर 4 प्रतिशत के लक्ष्य को अर्जित करने के उद्दश्य पर केंद्रित है। नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखे जाने का निर्णय निवेश में वृद्धि के माध्यम से विकास को और बढ़ावा देगा। जहां अधिकांश केंद्रीय बैंकों ने विकास की तुलना में महंगाई दर को अधिक महत्व दिया है, रिजर्व बैंक ने विकास को प्रधानता देते हुए दोनों के बीच संतुलन बनाया है जिससे वित्त वर्ष 2024 के लिए सकल घरेलू उत्पाद विकास अनुमान 6.5 प्रतिशत पर बरकरार है। 
फियो अध्यक्ष ने कहा कि निवेश के बढ़ने से उत्पादन और आपूर्ति की सरलता में और वृद्धि होगी जिससे आने वाले महीनों में महंगाई दर में कमी आएगी। डॉ. ए शक्तिवेल ने यह भी कहा कि नीतिगत दरों में यथास्थिति बनाये रखने से निर्यात समुदाय को सहायता मिलेगी जिनकी ऋण लागत पिछले डेढ़ वर्षों में दरों में वृद्धि के कारण बढ़ गई है जिसके कारण ब्याज छूट को 2 प्रतिशत और 3 प्रतिशत से बढ़ाकर क्रमशः 3 प्रतिशत और 5 प्रतिशत करने की मांग की जा रही है। वित्तीय क्षेत्र के दबाव की सहायता से अनुकूल बाहरी सेक्टर ने अर्थव्यवस्था को और भी बढ़ावा दिया है। डॉ. शक्तिवेल ने कहा कि हमारा वस्तु और सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2023-24 में 900 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा जो लगभग 15 प्रतिशत की बढोतरी को प्रदर्शित करता है। वर्तमान वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए यह एक बड़ी उपलब्धि है।
विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन) |

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