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1973 की पीईसी की कक्षा के 50 वर्ष पूरे होने का समारोह – एक उत्तम दर्जे का मामला

इस प्रतिष्ठित अल्मा मेटर से बाहर की दुनिया में अपना पहला कदम रखने को ये समस्त पूर्व छात्र 50 साल का जश्न मना रहे हैं।

चंडीगढ़, 11 मार्च  2023 (यूटीएन)। अब तक दुनिया भर में ज्यादातर प्रतिष्ठित इंजीनियर, प्रबंधक, टेक्नोक्रेट और कॉर्पोरेट नेता के रूप में एक उच्चतम पहचान अर्जित करने  वाले, चंडीगढ़ स्थित  प्रख्यात संस्थान, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के 1973 वर्ग के कुछ पूर्व छात्रों ने अब संगीत के क्षेत्र में भी एक  शानदार पहल पेश की है। उनके स्नातक के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर को चिह्नित करने के लिए बनाया गया उनका पहला सामूहिक प्रयास, ‘दाढ़ी  चिट्टी हो गई पर टैंपो अपना हाई ए’ एक पंजाबी गीत है, जिस के लिए  उनके स्वयं के पूर्व छात्रों द्वारा लिखा, संगीतबद्ध, गाया और अभिनय भी किया गया है।
इस प्रतिष्ठित अल्मा मेटर से बाहर की दुनिया में अपना पहला कदम रखने को ये समस्त पूर्व छात्र 50 साल का जश्न मना रहे हैं।  यह गीत भूतपूर्व छात्रों की भावनाओं को सामने लाता है और उनके अल्मा मेटर के परिसर में उनके छात्र जीवन की पुरानी यादों को ताजा करता है, जहां वे किशोरावस्था में शामिल हुए और फिर चार वर्षों के बाद वयस्क इंजीनियरों के रूप में स्नातक हुए, और अब कई दशकों के बाद दादा-दादी और नाना नानी के रूप में वापस आए हैं। कॉलेज के दिनों की यादें, व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन की उपलब्धियां, और सभी जिम्मेदारियों के निर्वहन की गौरवपूर्ण संतुष्टि तुकांत गीतों में विधिवत वर्णित हैं। उनके पुनर्मिलन के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाते हुए।
यह गीत उपयुक्त रूप से इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे वे एक दूसरे के साथ अपनी किशोरावस्था को फिर से जी सकते हैं  और अपने खोये हुए दोस्तों को गले लगाने के आनंद कैसे अनुभव कर सकते हैं।  गीत का समापन उनके सभी लंबित सपनों और बकेट लिस्ट को पूरा करने के लिए उनकी महत्वाकांक्षाओं को फिर से जगाने और अब अपने शेष जीवन को अपनी शर्तों पर जीने के लिए तत्पर रहने की इच्छा के साथ होता है। यह गीत, हालांकि पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज 1973 बैच के पूर्व छात्रों द्वारा लिखा और गाया गया है, सभी पेशेवर संस्थानों के पूर्व छात्रों की भावनाओं को भी यह उतना ही उजागर करता है जो अपने पूर्व छात्रों के पुनर्मिलन के लिए  कहिब भी फिर मिल रहे हों और उन सभी  अनुभवी मित्रों के लिए एक अच्छा मजेदार गीत हो सकता है।

गाने का पूर्ण संस्करण औपचारिक रूप से 11 मार्च को संस्थान के निदेशक व्स कुलपति डॉ. प्रो. बलदेव सेतिया, प्रो राजेश कुमार कांडा डीन (एलुमनाई  कॉर्पोरेट इंटरनेशनल अफेयर्स) और प्रो डी र प्रजापति डीन (स्टूडेंट अफेयर्स),  1973 की कक्षा के पूर्व छात्र और कॉलेज के स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर्स की उपस्थिति में  पीईसी ऑडिटोरियम से जारी किया गया।  इस एल्बम में मुख्य गायकी तेजिंदर सिंह बेदी और शशि सचदेवा की है जब के गीत के बोल हरचरण सिंह भटिआ और शशि द्वारा लिखे गए हैं और धुन भी शशि द्वारा बनाई गयी है. एल्बम की प्रोडक्शन बेदी, सचदेवा और भटिआ द्वारा मिल के की गयी है। कोरस व्में ग्रुप डांस में राजिंदर कौड़ा, दुर्गा दत्त राजदेव, विनोद दिवान, विनोद साहनी , दीपक पांडेय, जरनैल सिंह तुली, सत्येंदर शर्मा, ओ पी सूरी, कृष्ण खन्ना, योगेश जैन व् विश्वामित्र की सराहनीय भूमिका रही।

चंडीगढ़, प्रशासनिक संवाददाता – (तेजिंदर सिंह बेदी) |

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