बागपत,26 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। जिले के नए जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने के बाद आईएएस दिव्यांशु पटेल ने शनिवार को बागपत कोतवाली में आयोजित थाना समाधान दिवस में पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सीधे सुनीं। जिलाधिकारी के अचानक समाधान दिवस में पहुंचने से अधिकारियों में भी सक्रियता नजर आई। उन्होंने एक-एक कर शिकायतकर्ताओं से उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण का उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई पूरी करना नहीं होना चाहिए, बल्कि कार्रवाई ऐसी हो जिससे शिकायतकर्ता को वास्तविक और स्थायी राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुनकर उसके तथ्यों की जांच की जाए और शिकायत की प्रकृति के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शिकायतों की तह तक जाकर करें कार्रवाई
थाना समाधान दिवस में पुलिस विभाग के साथ राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। फरियादियों ने भूमि विवाद, कब्जे, रास्ते, सीमांकन, आपसी विवाद और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों को अधिकारियों के समक्ष रखा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों में केवल कागजी अभिलेखों के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय न लिया जाए। आवश्यकतानुसार मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए और संबंधित पक्षों के दस्तावेजों एवं अभिलेखों की जांच करने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि कई छोटे विवाद समय रहते हल नहीं होने पर आगे चलकर गंभीर विवाद का रूप ले लेते हैं। इसलिए शिकायतों को लंबित रखने के बजाय प्रारंभिक स्तर पर ही गंभीरता से लेते हुए उनका समाधान किया जाना चाहिए।
पुलिस-राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से उन मामलों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जिनमें पुलिस और राजस्व विभाग दोनों की भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोनों विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय से संयुक्त रूप से कार्रवाई करें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी विवाद में दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज, राजस्व अभिलेख और मौके की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए। इसके बाद तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई किसी पक्ष के दबाव या प्रभाव में नहीं बल्कि उपलब्ध तथ्यों और नियमों के आधार पर होनी चाहिए। इससे शिकायतकर्ता का प्रशासन और पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
फरियादी को बार-बार न लगाने पड़ें चक्कर
जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपनी शिकायत के समाधान के लिए बार-बार थाने, तहसील या अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगाने की स्थिति नहीं आनी चाहिए। शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी उसकी प्रकृति के अनुसार कार्रवाई की दिशा और समयसीमा तय करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी शिकायत का तत्काल समाधान संभव नहीं है तो उसकी जांच की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता को यह जानकारी दी जाए कि उसके प्रकरण में अब तक क्या कार्रवाई हुई है और आगे क्या किया जाना है।
उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों की प्रगति पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतें केवल रजिस्टर तक सीमित न रह जाएं।
शिकायतों के रिकॉर्ड को अपडेट रखने के निर्देश
थाना समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने कोतवाली के विभिन्न अभिलेखों और रजिस्टरों का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने थाना स्तर पर रखे जाने वाले आवश्यक अभिलेखों की स्थिति देखी।
इस दौरान शिकायत एवं जनसुनवाई रजिस्टर, अपराध रजिस्टर, महिला संबंधी शिकायतों के अभिलेख, लंबित विवेचनाओं तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की स्थिति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी अभिलेखों में प्रविष्टियां नियमित रूप से अपडेट रखने और रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने लंबित मामलों की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली और अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों में जांच लंबित है, उनमें नियमानुसार जल्द कार्रवाई पूरी की जाए।
महिला संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश
जिलाधिकारी ने महिला संबंधी शिकायतों के अभिलेखों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिला शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुना जाए। शिकायत के तथ्यों की जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक व्यवहार और निष्पक्ष सुनवाई मिलनी चाहिए। किसी भी शिकायतकर्ता को उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति के आधार पर अलग व्यवहार का सामना न करना पड़े।
एसपी ने पुलिस अधिकारियों को दिए निर्देश
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने भी थाना समाधान दिवस में मौजूद पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाना स्तर पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी जाए। शिकायत के तथ्यों को समझने के बाद निष्पक्ष और नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकरण में दोनों पक्षों के तथ्यों को सुनकर और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने के बाद ही कार्रवाई की जाए।
एसपी ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो और गंभीर मामलों में उच्चाधिकारियों को भी समय से अवगत कराया जाए।
डीएम ने अधिकारियों को दिखाई प्राथमिकता
नए जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने के बाद थाना समाधान दिवस में सीधे पहुंचकर जनसमस्याएं सुनना प्रशासनिक स्तर पर जनसुनवाई को प्राथमिकता दिए जाने का संकेत माना जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि जनता को अपनी समस्या लेकर अधिकारियों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अधिकारी अपने कार्यालयों और थाना-तहसील स्तर पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लें और उनकी नियमित समीक्षा करें।
समाधान दिवस की उपयोगिता तभी जब मिले स्थायी राहत
जिलाधिकारी ने कहा कि थाना समाधान दिवस की वास्तविक उपयोगिता तभी है, जब यहां आने वाले फरियादियों को उनकी समस्या का उचित समाधान मिले। केवल शिकायत दर्ज कर लेना पर्याप्त नहीं है। शिकायत की जांच, कार्रवाई और उसके परिणाम की निगरानी भी आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि किसी मामले में संबंधित विभाग की अतिरिक्त जांच या कार्रवाई की आवश्यकता है तो उसे संबंधित विभाग को भेजकर समन्वय स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए कि आमजन को न्याय और राहत के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अधिकारियों ने मौके पर लिया शिकायतों का संज्ञान
समाधान दिवस में विभिन्न शिकायतों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा गया। जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की बात सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों से उनके प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। अधिकारियों को शिकायतों की प्रकृति के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कुछ मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों से संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि विवादों का तथ्यात्मक समाधान किया जा सके।
आमजन को सम्मानजनक सुनवाई देना प्राथमिकता
जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने कहा कि प्रशासन की पहली जिम्मेदारी आमजन की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान कराना है। प्रत्येक फरियादी को सम्मानजनक सुनवाई मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाए और उसके प्रकरण को गंभीरता से लिया जाए।
उन्होंने कहा कि पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई से ही आमजन का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है। इसी उद्देश्य से जनसुनवाई और थाना समाधान दिवस जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी बनाया जाना जरूरी है। इस अवसर पर एसडीएम बागपत दिग्विजय सिंह, सीओ सुकन्या शर्मा समेत पुलिस और राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुसार प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

