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सहारनपुर के आरटीओ प्रवर्तन ने किया एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण

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बागपत,06 सितम्बर  2026  (यूटीएन)। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर सहारनपुर के संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन मनोज कुमार सिंह ने गत दिवस जनपद के उप संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ कार्यालय) का औचक निरीक्षण किया। आरटीओ प्रवर्तन के अचानक कार्यालय पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, अधिकारियों-कर्मचारियों की पहचान और आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया।

आरटीओ प्रवर्तन ने निरीक्षण के दौरान यह जानने का प्रयास किया कि कार्यालय में विभागीय कार्य निर्धारित नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित हो रहे हैं या नहीं। उन्होंने कार्यालय में आने वाले लोगों की गतिविधियों, अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही और विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की बाहरी या अनधिकृत मध्यस्थता की संभावना की भी पड़ताल की।

सीसीटीवी कैमरों की जांच

निरीक्षण की शुरुआत कार्यालय परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की जांच से की गई। आरटीओ प्रवर्तन ने देखा कि कार्यालय में लगे कैमरे सुचारू रूप से काम कर रहे हैं या नहीं और उनकी कवरेज कार्यालय के महत्वपूर्ण हिस्सों तक है अथवा नहीं।

उन्होंने कैमरों की रिकॉर्डिंग व्यवस्था और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की क्षमता के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों से यह भी पूछा गया कि सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग कितने समय तक सुरक्षित रहती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित गतिविधियों की रिकॉर्डिंग किस प्रकार उपलब्ध कराई जा सकती है।

उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यालय की महत्वपूर्ण गतिविधियां सीसीटीवी की निगरानी में रहें और निगरानी व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। कार्यालय परिसर में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए सीसीटीवी व्यवस्था को प्रभावी रखना आवश्यक बताया गया।

अधिकारियों और कर्मचारियों के पहचान पत्र देखे

इसके बाद आरटीओ प्रवर्तन ने कार्यालय में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पहचान की भी जांच की। उन्होंने विभाग की ओर से जारी पहचान पत्र (आई-कार्ड) देखे और यह सुनिश्चित किया कि कार्यालय में कार्यरत प्रत्येक अधिकृत कार्मिक की पहचान स्पष्ट रूप से हो।

निरीक्षण के दौरान आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के पहचान पत्र भी जांचे गए। ऐसे कार्मिकों के विभाग अथवा संबंधित सेवा प्रदाता की ओर से जारी किए गए पहचान पत्रों की स्थिति देखी गई।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालय में तैनात सभी अधिकृत कर्मचारियों के पास वैध पहचान पत्र होना चाहिए, ताकि कार्यालय आने वाले आमजन को यह स्पष्ट रूप से पता चल सके कि कौन व्यक्ति विभागीय कर्मचारी है और कौन बाहरी व्यक्ति।

अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर नजर

औचक निरीक्षण के दौरान आरटीओ प्रवर्तन ने कार्यालय में आने-जाने वाले अनधिकृत एवं संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की भी जानकारी ली। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि कहीं बाहरी व्यक्ति विभागीय कार्यों के नाम पर कार्यालय में अनावश्यक रूप से सक्रिय तो नहीं हैं।

उन्होंने कार्यालय में आने वाले लोगों की गतिविधियों और विभागीय कार्यों के बीच किसी प्रकार की अनधिकृत मध्यस्थता की संभावना को लेकर भी जानकारी जुटाई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्यालय परिसर में आने-जाने वाले लोगों पर उचित निगरानी रखी जाए और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को विभागीय कार्यों में हस्तक्षेप करने की अनुमति न दी जाए।

आरटीओ प्रवर्तन ने स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग से संबंधित कार्य कराने के लिए आमजन को निर्धारित विभागीय प्रक्रिया का ही पालन करना चाहिए। किसी बाहरी व्यक्ति या अनधिकृत मध्यस्थ के माध्यम से कार्य कराने की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए कार्यालय की व्यवस्था को प्रभावी और पारदर्शी बनाए रखना जरूरी है।

आमजन से लिया सीधे फीडबैक

निरीक्षण की खास बात यह रही कि आरटीओ प्रवर्तन ने केवल कार्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि वहां अपने सरकारी कार्यों के लिए पहुंचे आम लोगों से सीधे बातचीत कर फीडबैक भी लिया।

उन्होंने लोगों से पूछा कि कार्यालय में उनके कार्य किस प्रकार हो रहे हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही और विभागीय सेवाओं को प्राप्त करने में किसी बाहरी व्यक्ति की सहायता लेने की आवश्यकता तो नहीं पड़ रही।

आमजन से बातचीत के माध्यम से कार्यालय की वास्तविक कार्यप्रणाली और लोगों के अनुभवों की जानकारी लेने का प्रयास किया गया। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि लोगों की समस्याओं का निर्धारित नियमों के तहत समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

एआरटीओ को दिए पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश

निरीक्षण के बाद आरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार सिंह ने जनपद के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार को कार्यालय की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को निर्धारित विभागीय प्रक्रिया के माध्यम से अपने कार्य कराने की सुविधा मिलनी चाहिए। किसी भी स्तर पर अनधिकृत मध्यस्थता अथवा ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़े।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय परिसर में अनधिकृत व्यक्तियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए और विभागीय कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप की किसी भी संभावना को समाप्त किया जाए।

सरकारी व्यवस्था का लाभ सीधे मिले

आरटीओ प्रवर्तन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आमजन को अपने शासकीय कार्यों के लिए निर्धारित विभागीय व्यवस्था का ही लाभ मिलना चाहिए। लोगों को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि सरकारी कार्यालय में अपना काम कराने के लिए किसी बाहरी व्यक्ति या मध्यस्थ की जरूरत है।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने, कार्यालय में अनुशासन बनाए रखने तथा आमजन के साथ उचित व्यवहार करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली और जहां सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, वहां व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

औचक निरीक्षण के बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी विभागीय व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ गई। आरटीओ प्रवर्तन के निरीक्षण को कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।







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