मथुरा,20 जून 2026 (यूटीएन)। मथुरा जंक्शन पर सचखंड एक्सप्रेस में सीट को लेकर हुए विवाद के दौरान यात्री पर तलवार से हमला कर उसे घायल करने वाले दोनों आरोपियों को जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तलवार भी बरामद की है। दोनों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया। घटना के बाद रेलवे स्टेशन परिसर और यात्रियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जीआरपी क्षेत्राधिकारी राजेश दीक्षित ने बताया कि थाना जमुनापार क्षेत्र के अयोध्या नगर निवासी गोविंद शर्मा अपनी पत्नी अंजना शर्मा को इलाज के लिए ग्वालियर भेजने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को मथुरा जंक्शन पहुंचे थे। पत्नी को सचखंड एक्सप्रेस में बैठाने के दौरान ट्रेन के डिब्बे में पहले से बैठे कुछ यात्रियों से उन्होंने बैठने के लिए थोड़ी जगह देने का अनुरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर निहंग वेशधारी कुछ यात्रियों ने तलवार निकाल ली और गोविंद शर्मा पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास बैठे यात्री और रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पत्नी अंजना शर्मा के साथ भी अभद्रता और धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद ट्रेन के डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम लवदीप निवासी गांव दुडकोट कलां, जिला मोगा (पंजाब) तथा फतेहवीर सिंह निवासी गांव सन्या, थाना जिरकपुर, जिला संगरूर (पंजाब) बताए।
तलाशी के दौरान उनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई तलवार भी बरामद कर ली गई। जीआरपी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के संबंध में अन्य यात्रियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद रेलवे यात्रियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में अक्सर सीटों को लेकर विवाद होते हैं, लेकिन हथियारों के साथ यात्रा करना और मामूली कहासुनी का हिंसक रूप ले लेना बेहद चिंताजनक है। लोगों ने रेलवे प्रशासन से ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर सुरक्षा जांच और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने की मांग की है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम स्टेशन परिसर और ट्रेनों में लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने यात्रियों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या विवाद की स्थिति में तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या जीआरपी को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भीड़भाड़ वाले रेल मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा और हथियारों की जांच को लेकर और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
मथुरा- ब्यूरो चीफ, (समीर सेन)।

