खेकड़ा,09 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में कस्बे में श्रीश्याम प्रभु का आनंदोत्सव भक्तिभाव, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। गांधी प्याऊ पर भव्य रूप से सजाए गए खाटू श्याम दरबार में आयोजित भजन संध्या में देर रात तक भक्ति की रसधारा बहती रही। पटियाला की प्रसिद्ध भजन गायिका पूजा सखी और पानीपत के प्रसिद्ध भजन गायक साहिल शर्मा ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को श्याम भक्ति में सराबोर कर दिया।
भजन संध्या के दौरान जैसे-जैसे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां आगे बढ़ाईं, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। मधुर भजनों और संगीत की धुन पर श्रद्धालु तालियां बजाते हुए झूम उठे। अनेक भक्त भक्ति में लीन होकर नृत्य करते नजर आए। पूरे आयोजन स्थल पर श्याम प्रभु के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।
लगातार चौथे दिन भी आकर्षण का केंद्र बनी भजन संध्या
कस्बे की ठाकुरद्वारा मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित भजन संध्या लगातार चौथे दिन भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही। शाम ढलते ही गांधी प्याऊ स्थित श्याम दरबार में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, आयोजन स्थल पर भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई।
भव्य रूप से सजाए गए दरबार में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्रीश्याम प्रभु के दर्शन किए और भजन संध्या में सहभागिता की। धार्मिक वातावरण के बीच लोगों ने परिवार के साथ भगवान की आराधना की और भक्ति संगीत का आनंद लिया।
पूजा सखी और साहिल शर्मा ने बांधा समां
पटियाला से पहुंचीं प्रसिद्ध गायिका पूजा सखी ने अपनी सुरीली आवाज में श्याम प्रभु के भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। उनकी मधुर आवाज और भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।
वहीं पानीपत के साहिल शर्मा ने भी अपनी भजन प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। दोनों भजन गायकों ने भक्ति गीतों के माध्यम से ऐसा वातावरण बनाया कि श्रद्धालु देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
भजनों की स्वर लहरियों के बीच कहीं श्रद्धालु तालियां बजाते दिखाई दिए तो कहीं भक्त हाथ उठाकर श्याम प्रभु के जयकारे लगाते नजर आए। कई श्रद्धालु भक्ति में इतने लीन हो गए कि वे संगीत की धुन पर नृत्य करने लगे।
जयकारों से गूंजता रहा पूरा परिसर
भजन संध्या के दौरान ‘श्याम बाबा की जय’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं के जयकारों और भजनों की मधुर धुनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
आयोजन स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने कहा कि श्रीश्याम प्रभु के भजनों को सुनना और सामूहिक रूप से भक्ति में शामिल होना उनके लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव रहा। देर रात तक चले कार्यक्रम में भक्तों ने भक्ति रस में डूबकर आनंदोत्सव का भरपूर आनंद लिया।
जन्माष्टमी पर भक्तिभाव और उल्लास का संगम
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धा और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। जहां एक ओर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीश्याम प्रभु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की, वहीं भजन संध्या ने लोगों को सामूहिक रूप से भक्ति के रंग में रंग दिया।
आयोजन में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। परिवारों ने साथ पहुंचकर भजनों का आनंद लिया और धार्मिक वातावरण में देर रात तक मौजूद रहे।
भक्ति में डूबे रहे श्रद्धालु
भजन संध्या के दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु लगातार तालियां बजाते रहे। संगीत और भक्ति के बीच कई भक्तों ने हाथ उठाकर श्याम प्रभु का स्मरण किया। भजनों की प्रत्येक प्रस्तुति के बाद श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
देर रात तक चले इस आयोजन के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह कम नहीं हुआ। भक्त भक्ति रस में डूबे रहे और श्याम प्रभु के दरबार में अपनी उपस्थिति को सौभाग्य मानते हुए कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
श्रद्धालुओं ने लिया आनंदोत्सव का भरपूर आनंद
आयोजन के दौरान श्याम दरबार की सजावट और भक्ति संगीत ने वातावरण को विशेष आकर्षण प्रदान किया। श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन के साथ भजन संध्या में भाग लेकर धार्मिक आनंद प्राप्त किया।
ठाकुरद्वारा मंदिर समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर कस्बे के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। लगातार चौथे दिन भी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में विनोद कुमार गुप्ता, राजू गुप्ता, आदर्श गुप्ता, संदीप बिंदल, तरुण गुप्ता, पुनीत शर्मा, कुनाल सिंघल और धैर्य गुप्ता समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भजन संध्या के समापन तक गांधी प्याऊ परिसर श्याम प्रभु के जयकारों और भक्ति संगीत से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने श्याम प्रभु की भक्ति में डूबकर आनंदोत्सव का भरपूर आनंद लिया और आयोजन को यादगार बनाया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

