खेकड़ा, 24 जून 2026 (यूटीएन)। दिल्ली मेट्रो के गार्ड पंकज धामा की बुधवार को तेरहवीं की रस्म में राजनीतिक, सामाजिक हस्तियों के साथ हजारों की संख्या में रिश्तेदार और कस्बावासी शामिल हुए। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए यज्ञ में आहुति दी और श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोहल्ला औरंगाबाद निवासी किसान राजेंद्र धामा के पुत्र पंकज धामा दिल्ली मेट्रो में गार्ड के पद पर तैनात थे। 20 जून की सुबह इंद्रप्रस्थ रेलवे स्टेशन पर रात्रि ड्यूटी पूरी कर वे शाहदरा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। ट्रेन से वापस लौटते समय प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर कुछ युवकों ने पीट-पीट कर उनकी हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी योगा एक्सप्रेस से ऋषिकेश भाग निकले, जिन्हें बाद में मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस कार्रवाई पर आक्रोश
शोकसभा में पुलिस की लचर कार्यशैली को लेकर रोष साफ दिखा। लोगों ने कहा कि, घटना रेलवे सिपाही मनोज कुमार के सामने हुई और इसका वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें हमलावर साफ दिख रहे हैं। परिजनों के मौके पर पहुंचने के बावजूद पुलिस ने उनकी तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया। मनोज कुमार की ओर से दर्ज मुकदमे में भी हत्या की धारा नहीं लगाई गई, जिसका सीधा लाभ आरोपियों को मिला। पकड़े गए 8 आरोपियों में से 3 को पुलिस ने निर्दोष बताकर थाने से ही छोड़ दिया। बाकी पांच पर गैर इरादतन हत्या की धारा में चालान हुआ। इनमें से दो नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया, जबकि तीन को तत्काल जमानत मिल गई। इस ढीली कार्रवाई से कस्बे में गहरा आक्रोश है।
तेहरवी में पहुंचे विधायक योगेश धामा ने दोषियों के खिलाफ कारवाई में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अधिकारियों से वार्ता करेंगे।
आरएलडी नेता ने उठाया मामला
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व राज्यमंत्री डॉ कुलदीप उज्ज्वल भी तेरहवीं में पहुंचे। उन्होंने पंकज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर परिजनों को सांत्वना दी। घटना की पूरी जानकारी लेने के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर त्वरित और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की।
डॉ उज्ज्वल ने कहा, "प्रतिदिन हजारों लोग बागपत से दिल्ली रोजगार के लिए ट्रेन से सफर करते हैं। इस घटना से लोगों में आक्रोश के साथ भय का माहौल है। आरोपियों पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई बेहद जरूरी है।" अधिकारियों ने उन्हें सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

