बिनौली,03 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। थाना बिनौली पुलिस ने नलकूपों से विद्युत उपकरण और अन्य सामान चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की पांच घटनाओं का सफल अनावरण किया है। पुलिस ने मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से नलकूपों से चोरी किए गए स्टार्टर, केबिल, कटआउट, ट्रांसफार्मर तथा मोबाइल टावर से चोरी किया गया सामान बरामद किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक कार और अन्य चोरी का माल भी बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में लगातार हो रही नलकूप चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद जगी है। नलकूपों से विद्युत उपकरण चोरी होने के कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। चोरी के बाद किसानों को न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था, बल्कि नलकूप बंद होने के कारण सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित होती थी।
लगातार मिल रही थीं नलकूपों से चोरी की शिकायतें
थाना बिनौली क्षेत्र में पिछले कुछ समय से नलकूपों से केबिल, कटआउट और स्टार्टर सहित अन्य सामान चोरी किए जाने की घटनाएं सामने आ रही थीं। खेतों में बने नलकूप चोरों के निशाने पर थे। रात के समय चोर नलकूपों पर पहुंचकर विद्युत उपकरण और अन्य सामान चोरी कर फरार हो जाते थे।
चोरी की घटनाओं के संबंध में अलग-अलग किसानों द्वारा थाना बिनौली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। पुलिस ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और घटनाओं के खुलासे के लिए टीम को लगाया गया।
28 अगस्त को दर्ज कराई गई थी शिकायत
थाना बिनौली पर 28 अगस्त को वीरसेन पुत्र ब्रह्मसिंह निवासी ग्राम बड़ावद ने तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात चोरों ने उनके तथा अन्य व्यक्तियों के ट्यूबवेलों से केबिल, कटआउट, स्टार्टर आदि सामान चोरी कर लिया है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई और चोरी की घटनाओं के संबंध में सुराग तलाशने शुरू किए।
3 अगस्त को भी हुई थी चोरी
इससे पहले 3 अगस्त को मोनू त्यागी पुत्र ऋषिपाल निवासी ग्राम गल्हैता ने थाना पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर उनके ट्यूबवेल से केबिल और पाइप लाइन सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए।
पुलिस के अनुसार क्षेत्र में नलकूपों से केबिल, कटआउट और स्टार्टर आदि चोरी किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। पुलिस ने इन सभी घटनाओं को आपस में जोड़कर जांच आगे बढ़ाई।
17 और 29 जुलाई की घटनाएं भी आईं सामने
17 और 29 जुलाई को नीरज शर्मा पुत्र धर्मवीर शर्मा निवासी अंगदपुर ने भी पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर उनके और अन्य लोगों के ट्यूबवेलों से केबिल, कटआउट, स्टार्टर आदि सामान चोरी कर ले गए हैं।
इसी तरह हरवीर सिंह पुत्र सुखवीर सिंह और रणबीर पुत्र राजसिंह निवासी ग्राम रंछाड़ की ओर से भी नलकूपों से केबिल, कटआउट, स्टार्टर आदि सामान चोरी किए जाने की शिकायत पुलिस को दी गई थी।
इन घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस ने अलग-अलग मामलों की जांच करते हुए चोरी के सामान और आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास तेज कर दिए।
पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार
जनपद में अपराधों की रोकथाम तथा चोरों और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बिनौली पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान वाहिद पुत्र शाहिद निवासी मोहल्ला जोगियान, राम तलैया, सरधना के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर नलकूपों से हुई चोरी की पांच घटनाओं का सफल अनावरण किया गया है।
चोरी का सामान बरामद
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने नलकूपों से चोरी किए गए विभिन्न विद्युत उपकरण बरामद किए हैं। इनमें स्टार्टर, केबिल, कटआउट और ट्रांसफार्मर शामिल बताए गए हैं।
इसके अलावा मोबाइल टावर से चोरी किया गया सामान और अन्य चोरी का माल भी बरामद किया गया है। पुलिस बरामद सामान को संबंधित चोरी की घटनाओं से जोड़कर जांच कर रही है।
पुलिस द्वारा बरामदगी के बाद यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि चोरी का सामान कहां-कहां से चोरी किया गया था और इसे आगे किसे बेचने की तैयारी थी।
तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। इसके अलावा एक कार भी पुलिस ने बरामद की है।
तमंचा और कारतूस बरामद होने के बाद आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
किसानों में थी चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता
नलकूपों से लगातार सामान चोरी होने के कारण क्षेत्र के किसान परेशान थे। किसानों के लिए खेतों में लगे नलकूप सिंचाई का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में नलकूप का स्टार्टर, केबिल या अन्य विद्युत उपकरण चोरी हो जाने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो जाती है।
किसानों को चोरी हुए सामान को दोबारा खरीदने और नलकूप को चालू कराने में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार चोरी की जानकारी सुबह खेत पर पहुंचने के बाद होती है।
पुलिस द्वारा चोरी की घटनाओं के खुलासे के बाद किसानों ने राहत की उम्मीद जताई है।
चोरी के सामान के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी चोरी का सामान किसे बेचता था। खासकर केबिल, विद्युत उपकरण और ट्रांसफार्मर जैसे सामान को खपाने के लिए किसी कबाड़ी या अन्य व्यक्ति से संपर्क होने की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर चोरी की अन्य घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। यदि पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पांच घटनाओं के खुलासे से पुलिस को मिली सफलता
नलकूप चोरी की पांच घटनाओं का एक साथ खुलासा पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अलग-अलग गांवों में हुई घटनाओं को जोड़कर पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर नजर रखी जा रही है।
आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना बिनौली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य घटनाओं और संभावित साथियों की जानकारी जुटाने में लगी है। साथ ही बरामद सामान की पहचान संबंधित पीड़ितों से कराने की प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
पुलिस की कार्रवाई से चोरों में मचा हड़कंप
नलकूपों पर चोरी की घटनाओं के लगातार सामने आने के बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से ऐसे तत्वों में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस द्वारा खेतों और सुनसान स्थानों पर बने नलकूपों की निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग भी तेज की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए क्षेत्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

